बाहरी राज्यों के स्कूलों का अनुभव पंजाब में अमान्य करार देने का आदेश हाईकोर्ट ने किया रद्द

1558 हेड टीचर व 375 सेंटर हेड टीचर की भर्ती में केवल पंजाब के स्कूलों से अर्जित 4 वर्ष के अनुभव को मान्य करार देने के पंजाब सरकार के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है।

हाईकोर्ट ने कहा कि अन्य राज्यों के आवेदकों को नियुक्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा के स्कूल में शिक्षण अनुभव के साथ आवेदन करने वाली याचिकाकर्ता को नियुक्ति देने का आदेश दिया है।

याचिका दाखिल करते हुए सिरसा निवासी ज्योति बाला ने बताया कि 8 मार्च 2019 को पंजाब के स्कूलों के लिए 1558 हेड मास्टर व 375 सेंट्रल हेड मास्टर पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। विज्ञापन में 4 साल के शिक्षण अनुभव की शर्त थी और केवल पंजाब के स्कूलों का अनुभव ही मान्य था।

याची ने बताया कि उसने सिरसा के सरकारी स्कूल में गेस्ट शिक्षक के तौर पर कार्य किया था और इसका अनुभव प्रमाण पत्र भी उसके पास है। याची परीक्षा में पास हो गई लेकिन जब दस्तावेजों की जांच हुई तो अनुभव प्रमाण पत्र पंजाब के बाहर का होने के चलते उसको भर्ती से बाहर कर दिया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रकार की कोई शर्त नहीं लगा सकती है जो कानून में न हो। अनुभव सरकारी स्कूल का मांगा गया है, यहां तक ठीक है, लेकिन इसे केवल राज्य के सरकारी स्कूलों तक सीमित करना ठीक नहीं है। इस प्रकार का कार्य राज्य को अलग करने जैसा होगा, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याची के आवेदन को स्वीकार कर मेरिट में होने पर नियुक्ति का आदेश दिया है।

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