हाईवे बनाने के ल‍िए हो रही थी खुदाई, तभी दिखी ऐसी चीज, फटी रह गई आंखें!

धरती के गर्भ में अनग‍िनत रहस्‍य छिपे हुए हैं. जब साइंटिस्‍ट इन तक पहुंचते हैं, तो हमें इनके बारे में पता चलता है. जो अक्‍सर हमें चक‍ित कर देता है. फ्रांस में वैज्ञान‍िकों को कुछ ऐसी ही चीज मिली है. वहां हाईवे बनाने के ल‍िए खुदाई चल रही थी, तभी धरती के अंदर कुछ अजीब चीजें मिलीं, जिसे देखकर मजदूरों की आंखें फटी की फटी रह गईं. जब इनकी साइंटिफ‍िक छानबीन की गई, तो वैज्ञानिक और भी हैरान रह गए. 4000 साल पुराना राज खुलकर सामने आ गया.

लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य फ्रांस के क्लेरमोंट-फेरैंड शहर में 1980 के दशक में निर्माण कार्य चल रहा था. लेकिन क‍िन्‍हीं वजहों से तब काम रुक गया. बाद में 2019 में यहां हाईवे बनाने का काम शुरू हुआ. वैज्ञान‍िकों को तब तक इस जगह के बारे में बहुत कुछ पता नहीं था. लेकिन उसके बाद जब खुदाई शुरू हुई तो 63 कब्रगाहें और सैकड़ों कलाकृतियां मिलीं. ये लगभग 4,000 साल पुरानी हैं. और इन्‍हें इंसानों के साथ ही दफनाया गया था. फ्रांस के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव आर्कियोलॉजिकल रिसर्च (INRAP) ने यह जानकारी दी.

तब इंसान यहां रहने आए
रेडियोकार्बन डेटिंग से पता चला कि मनुष्यों ने 6000 ईसा पूर्व, मेसोलिथिक या मध्य पाषाण युग के दौरान इस क्षेत्र का दौरा किया था. लेकिन यहां इंसानों के रहने के सबूत नवपाषाण काल ​​के हैं. तब इंसानों ने यहां बस्तियां बनाईं. खेती करना शुरू किया. कब्र के पास से कुछ चीनी मिट्टी के बरतन, चूल्हे भी म‍िले हैं. खोदे गए गड्ढे 4750 और 4500 ईसा पूर्व के बीच के मालूम होते हैं.

पुरातत्वविदों को यहां कई तरह की कब्रें मिली हैं. इनमें ज्‍यादातर ऐसी हैं, ज‍िनमें क‍िसी शव को बिना क‍िसी साज सज्‍जा के साथ दफना दिया गया है. यानी गड्ढा खोदा और साधारण तरीके से उसमें दफन कर दिया. कुछ शवों को घुटनों से मोड़कर भी दफनाया गया है. तो कुछ को घुटनों को मोड़कर करवट से लिटाया गया था. शोधकर्ताओं को सूखे पत्थर से बनी कई कब्रें मिलीं, जो संभवतः मिट्टी के टीलों से ढकी हुई थीं. इनमें एक साथ कई शवों को दफनाया गया था.

तभी से दाह संस्कार की प्रथा शुरू हुई!
पुरातत्‍वव‍िदों को लंबी चट्टानों से बने सिस्ट या कब्रें भी मिलीं हैं. ऐसा लगता है कि इस समय तक लोग इस स्थान पर नहीं रहते थे, बल्कि इसे कब्रगाह के रूप में उपयोग करते थे. चौथी सहस्राब्दी ईसा पूर्व तक, दाह संस्कार की प्रथा शुरू हो गई थी, जैसा कि दाह संस्कार के साथ दो अलग-अलग कब्रों में पता चला था. इस समय की घरेलू संरचनाओं की रेडियोकार्बन डेटिंग के अनुसार, लोग भी साइट पर वापस चले गए.

Back to top button