फर्जी मतदाताअों के खिलाफ निर्वाचन आयोग ने तैयार किया कुछ एेसा सॉफ्टवेयर

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने मंगलवार को यूपी के फतेहपुर में कहा कि आबादी के 61.97 प्रतिशत मतदाता का मानक खत्म हो गया है। यह मानक मात्र सूचकांक है। इससे अधिक मतदाता भी सूची में हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव में फर्जी मतदाताओं की संख्या पर काफी नियंत्रण होगा। फर्जी वोटर निर्वाचन आयोग के नए साफ्टवेटर ईआरओ (इलेक्ट्रोरल रोल सर्विस) नेट के जरिए पकड़ जाएंगे।फर्जी मतदाताअों के खिलाफ निर्वाचन आयोग ने तैयार किया कुछ एेसा सॉफ्टवेयर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन कराना प्रत्येक नागरिक का प्रथम दायित्व है। मतदाता सूची पुनरीक्षण की तिथियों में बूथों पर निर्धारित प्रारूप भरने के बाद सूची में नाम बढ़ाने, नाम कटाने के साथ त्रुटियों में सुधार करा लें। पारदर्शी तरीके से मतदान कराना लक्ष्य है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग एक ही मतदाता सूची से लोकसभा, विधानसभा, निकाय के साथ ग्राम पंचायत चुनाव कराने पर विचार कर रहा है।
नए साफ्टवेयर पर सूची अपलोड होते ही अगर किसी मतदाता का नाम अन्य किसी सूची में है, तो सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की यूजर आरडी में तुरंत उसका नाम अंकित हो जाएगा। ऐसे में फर्जी वोटर आसानी के साथ पकड़ में आ जाएंगे। इस मौके पर डीएम आंजनेय कुमार सिंह, एसपी राहुल राज भी मौजूद रहे।
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