पुलिस की अपराध शाखा ने 11 अस्पतालों को दिए थे नोटिस… पूछे 50 सवाल,  6 के मिले जवाब

अपराध शाखा ने शुक्रवार को किडनी कांड के आरोपियों के पकड़ने व 11 अस्पतालों की पहचान होने के बाद ही नोटिस जारी कर दिए थे। दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश व गुजरात के अस्पतालों को भेजे गए नोटिस में 50 सवाल पूछे गए हैं। शनिवार को छह अस्पतालों ने जवाब भी भेज दिए हैं।

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, आठ आरोपियों के गिरफ्तार होने व किडनी प्राप्तकर्ता की पहचान होने के बाद सभी अस्पतालों को कानूनी नोटिस भेजा गया था। अस्पतालों के जवाब से पता चलेगा कि किन अस्पतालों के पास किडनी प्रत्यारोपण के लिए अनुमति देने की खुद की कमेटी है या फिर सीएमओ के नेतृत्व वाली एक्सटर्नल कमेटी है। जिसकी भी भूमिका सामने आएगी उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। साथ ही, किडनी प्रत्यारोपण से संबंधित सभी तरह का डाटा एकत्रित किया जा रहा है।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपी चीका प्रशांत, संदीप आर्या और पुनित किडनी प्रत्यारोपण कोआर्डिनेशन की नौकरी कर रहे थे। चीका दिल्ली के एक अस्पताल में पांच या छह महीने से नौकरी कर रहा था। संदीप दिल्ली के दूसरे अस्पताल में करीब चार साल से नौकरी कर रहा था। पुनीत नोएडा के एक अस्पताल में नौकरी कर रहा था। शाखा की इंटर स्टेट यूनिट में तैनात इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन व पवन कुमार की टीम को आरोपियों के बारे में सूचना मिली थी।

पुलिस को आरोपियों के बारे में ये सुनिश्चित हो गया था कि वे किड़नी प्रत्यारोपण का गिरोह चला रहे हैं। इसके बाद पुलिस को एक पीड़ित की जरूरत थी। जांच के बाद पुलिस पश्चिमी दिल्ली निवासी किडनी प्राप्तकर्ता के परिवार तक पहुंच गई। मृतक की पत्नी ने बताया कि आरोपियों ने उससे 35 लाख रुपये ठग लिए हैं। वह एक महीने से पैसे वापस मांग रही है। इसके बाद पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों को दबोच लिया।

अस्पताल, नर्सिंग होम में होने चाहिए योग्य कर्मी : डीएमसी
राजधानी में किडनी कांड के सामने आने के बाद दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार डीएमसी अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता और रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश त्यागी ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा कि अस्पतालों, नर्सिंग होम सहित दूसरे स्वास्थ्य सुविधाओं में योग्य कर्मचारियों को नियुक्त किया जाए। कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर यदि कोई कमी पाई जाती है तो संस्थान दोषी माना जाएगा।

डीएमसी के संज्ञान में आया है कि अयोग्य या कम योग्य चिकित्सा कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है जो कानून के मुताबिक गलत और दंडनीय है। डीएमसी ने सभी कर्मचारियों की जांच की बात की है। नोटिस में यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मरीज को केवल योग्य व्यक्ति ही देखे। इन डॉक्टरों को अपने मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं में किसी भी कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और नैदानिक प्रतिष्ठानों को अपने पास उपलब्ध सुविधाओं की जांच करनी होगी।

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