शुक्र के बादलों पर हो सकती है एलियंस की संभावना पर कौन हैं ये

- in ज़रा-हटके

2 अरब वर्ष पहले था पानी

पृथ्वी के पड़ोसी ग्रह शुक्र पर एलियन हो सकते हैं। कुछ अध्ययनों में सामने आया है कि हमारे सौर मंडल के इस सबसे चमकीले ग्रह पर करीब दो अरब साल पहले पानी तरल रूप में मौजूद था। इसका मतलब हो सकता है कि मंगल ग्रह से वर्षो पहले शुक्र का वातावरण रहने योग्य था। इसी को आधार बनाकर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि शुक्र पर सूक्ष्म जीवों की पूरी प्रजाति विकसित हो चुकी होगी। कैलिफोर्निया स्टेट पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राकेश मोगुल कहते हैं, पृथ्वी पर विपरीत परिस्थितियों में भी सूक्ष्म जीव पनप रहे हैं, तो शुक्र पर भी ऐसा हो सकता है।  शुक्र के बादलों पर हो सकती है एलियंस की संभावना पर कौन हैं ये

बादलों के बीच जीवन

पुराने शोधों में भी सामने आया है कि अम्लीय वातावरण में जीवन संभव हो सकता है। इनमें विकसित हुए सूक्ष्म जीव कार्बन डाईऑक्साइड ग्रहण कर सल्फ्यूरिक एसिड (एच2एसओ4) उत्पन्न करते हैं। ठीक उसी तरह शुक्र के बादलों और अम्लीय वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड के साथ सल्फ्यूरिक एसिड पानी की बूंद के रूप में मौजूद है। 1962 और 1978 के बीच शुक्र के अध्ययन के लिए हुए विभिन्न अभियानों में सामने आया कि ग्रह की सतह का तापमान 450 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। साथ ही अम्‍लीय वातावरण भी इंसानी जीवन के लि घातक है, इसके बावजूद अगर कोई जीवित रह गया तो वहां के सघन वातावरण का दवाब शरीर का चूरा बना देगा।

बादलों के बीच जीवन

जाहिर है ऐसी स्थिति में जीवन का विकास असंभव है, लेकिन इसके वायुमंडल के बीच वाले हिस्से यानी 40 से 60 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच में सूक्ष्म जीव उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही शुक्र के बादलों पर सल्फ्यूरिक एसिड और प्रकाश सोखने वाले कणों से बने काले धब्बे भी मिले हैं। प्रकाश सोखने वाले बैक्टीरिया धरती पर भी पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है, ये सूक्ष्म जीव शैवाल की तरह के भी हो सकते हैं। इनके बारे में अधिक जानने के लिए बादलों के नमूनों की जरूरत होगी। बहरहाल शुक्र से जुड़ी इस रोचक जानकारी ने अंतरिक्ष में जीवन की संभावना का नया अध्याय खोल दिया है।’ 

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