रात को टॉयलेट करने उठे लड़के ने देखा, फंदे पर लटके थे मां-पिता और भाई-बहन
जोधपुर. पत्नी की बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान इस्कॉन मंदिर के ड्राइवर करणाराम पटेल (45) ने अपने बेटे-बेटी और पत्नी को जहर पिला फंदे पर लटका दिया। फिर खुद भी फांसी लगा आत्महत्या कर ली। उसने पास में ही सो रहे अपने बड़े बेटे को छोड़ दिया, ताकि वंश बचा रहे। वह रात 3 बजे टॉयलेट के लिए उठा, तब उसने सबको लटका हुआ पाया। सदमे के कारण वह उजाला होने तक शवों के पास ही बैठा रहा, फिर सुबह 7:30 बजे उसने मंदिर में जाकर सूचना दी।

रात खाना खिलाने के बाद उठाया ये कदम…
– बासनी पुलिस थाना सीआई राजेश यादव के अनुसार लूणी भाकरी निवासी और हाल में तनावड़ा फांटा के पास इस्कॉन मंंदिर के बाहर कच्चे मकान में रहने वाला करणाराम इस्कॉन मंदिर में ही ड्राइवर था। उसकी पत्नी पुष्पा (40) की बीमारी और आर्थिक तंगी से वह परेशान रहता था। बुधवार रात खाना खिलाने के बाद बेटी उर्मिला (8) व छोटे बेटे सुरेश (6) को जहर पिला दिया।
– जब वे सो गए तो कमरे में लगे लोहे के सरिए से उन्हें फंदे पर लटका दिया। फिर पत्नी पुष्पा को जहर दिया और खुद ने भी पीया। इसके बाद दोनों फंदे पर लटक गए। इस दौरान उनका बड़ा बेटा विक्रम (12) गहरी नींद में था, इसलिए उसे कुछ पता नहीं चला।
– गुरुवार सुबह विक्रम की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच शवों को नीचे उतार एम्स मोर्चरी से पोस्टमार्टम करवाया। वारदात को रात 10 से 12 बजे के बीच अंजाम देना बताया जा रहा है।
अंधेरा होने के कारण वह सहम गया लड़का
– करणाराम का बड़ा बेटा विक्रम चौथी क्लास में पढ़ता है। भास्कर से बातचीत में उसने बताया कि जब वह रात 3 बजे लघुशंका करने उठा तो उसके सामने उसके छोटे भाई-बहन और माता-पिता फंदे पर लटके हुए थे।
– अंधेरा होने के कारण वह सहम गया। कमरे से बाहर निकलने की भी हिम्मत नहीं जुटा सका। रातभर शवों के पास बैठा रोता रहा। कभी अपने पापा तो कभी मम्मी को आवाज देकर पुकारता रहा।
– सुबह करीब 7:30 बजे वह दौड़ता हुआ इस्कॉन मंदिर के इंचार्ज सुंदरलाल दास के पास गया और घटना बताई। उन्होंने पुलिस को बुलाया। विक्रम ने बताया कि उसके पिता हमेशा कहते थे कि वह पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने और उनके वंश का नाम रोशन करे।
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लोहे की एंगल पर लटके मिले चारों शव
करणाराम जिस कमरे में रहता था वह इस्कॉन मंदिर से कुछ दूर सूनसान स्थान पर था। छोटे बेटे-बेटी को जहर देने के बाद वह पत्नी-बच्चों के साथ लोहे के इस एंगल पर लटक गया। नीचे एक खाट पर बड़ा बेटा विक्रम सो रहा था।
लेन-देन को लेकर विवाद की आशंका
करणाराम का अक्सर मोबाइल पर किसी शख्स से झगड़ा होता था। संदेह है कि किसी से लेनदेन का विवाद हो सकता है। इस्कॉन मंदिर के इंचार्ज सुंदरलाल दास का कहना था कि करणाराम सज्जन और सेवाभावी व्यक्ति था। उसका किसी से कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं था।
मोबाइल टूटा और सिम गायब मिली
मौके पर एफएसएल टीम को एक टूटा हुआ मोबाइल मिला। उसे तोड़ने के साथ ही उस पर पीला रंग डाला हुआ था। इसमें सिम नहीं मिली। बच्चों को हुई उल्टियों से भरी चद्दर भी मिली है।





