T20 World Cup: स्पेन जाने वाले थे Mohammed Siraj, सूर्या के एक मैसेज ने बदल दी तकदीर

‘सूर्या भाई ने बोला आने का, तो आने का…’, ये बयान है टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का, जिनका अमेरिका के खिलाफ भारत की टी-20 विश्व कप के पहले मैच में मिली जीत में अहम योगदान रहा। मैच जीतने के बाद सिराज ने उस फिल्मी ड्रामे से पर्दा उठाया, जिसने उन्हें महज 24 घंटे के अंदर सीधे ‘वर्ल्ड कप के मैदान’ तक पहुंचा दिया।

‘स्पेन जाने वाले थे, पहुंच गए वानखेड़े’
दरअसल, सिराज (Mohammed Siraj) का प्लान बिल्कुल सेट था। हैदराबाद के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने के बाद वो थकान मिटाने के लिए ब्रेक पर थे। उन्होंने ला-लिगा का मैच देखने के लिए मैड्रिड की टिकटें बुक करा ली थीं और उसके बाद रमजान का वक्त परिवार के साथ बिताने की तैयारी थी। लेकिन शुक्रवार यानी 6 फरवरी की रात एक व्हाट्सएप मैसेज ने सब कुछ पलट दिया।

सिराज ने बीसीसीआई द्वारा शेयर की गई वीडियो में बताया,

सूर्या भाई (कप्तान सूर्यकुमार यादव) का मैसेज आया, ‘मियां, बैग पैक करके आ जाओ। उन्होंने बोला आने का तो आने का। एक इमोशन वाला हग (Hug) था वो, क्योंकि मैं आईपीएल में सूर्या भाई से मिला था, उसके बाद मेरी उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। फिर अभी मिल रहा हूं। काफी टाइम के बाद मिलने से अच्छा लगा। कभी सोचा नहीं था कि ये विश्व कप खेलूंगा, क्योंकि लास्ट टाइम चैंपियन था, उसके बाद से टीम का हिस्सा नहीं था, क्योंकि जो विश्व कप में देख रहे थे वहीं, प्लेयर खेल रहे थे, लेकिन ऊपर वाले ने जो लिखा है उसको कोई नहीं बदल सकता है, उसने मुझे टीम का हिस्सा बनाया और आज मैच भी खिलाया और परफॉर्मेंस भी हो गया। ऊपर वाले का कितना भी करो शुक्रियाअदा कम है। वर्ल्ड कप का पहला मैच जैसा स्टार्ट हुआ वैसा ही होना था, बस ये ही मोमेंटम को जारी रखेंगे।

-मोहम्मद सिराज

रात 3 बजे एंट्री और सुबह प्लेइंग XI में नाम
किस्मत का खेल देखिए, सिराज रात 3 बजे मुंबई में टीम होटल पहुंचे। कुछ घंटे विरोधियों का वीडियो देखा, थोड़ी नींद ली और जब सोकर उठे तो पता चला कि वे सीधे प्लेइंग-11 में खेल रहे हैं।

ये कॉल-अप तब आया जब सिराज ने जुलाई 2024 के बाद से कोई T20I नहीं खेला था, जो भारत की पिछली T20 वर्ल्ड कप जीत के कुछ ही समय बाद की बात है। हालांकि, जब उन्होंने अर्शदीप सिंह के साथ नई गेंद संभाली, तो सिराज बिल्कुल भी आउट ऑफ प्रैक्टिस नहीं दिखे। उन्होंने अपने शुरुआती स्पेल में दो विकेट लिए, USA को 13 रन पर 3 विकेट पर रोक दिया और 161 रन का बचाव करते हुए भारत को 29 रन से जीत दिलाने में मदद की।

बता दें कि सिराज को किस्मत का साथ मिला। उन्हें हर्षित राणा के चोटिल होने के बाद आखिरी समय में टीम में शामिल किया गया और जसप्रीत बुमराह के बीमार होने और मैच से एक दिन पहले ट्रेनिंग में शामिल न होने के कारण, अगर भारत दो तेज गेंदबाजों को मैदान में उतारना चाहता तो अर्शदीप के साथ सिराज ही एकमात्र तेज गेंदबाजी का विकल्प थे।

रणजी ट्रॉफी वाली लेंथ आई काम
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 77 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 गेंद पर 84 रन की नाबाद पारी खेल टीम को मुश्किल से निकाला। उनकी पारी के दम पर ही टीम 161 रन के स्कोर तक पहुंच पाई। इसके दवाब में अमेरिका को भारतीय गेंदबाजों ने 132 रन पर ही रोका और 29 रन से जीत हासिल की। मैच में मोहम्मद सिराज ने 4 ओवर के कोटे में 29 रन खर्च कर तीन विकेट चटकाए।

अपने शानदार स्पेल को लेकर सिराज ने कहा,

तो मैंने उसी लाइन और लेंथ पर बॉलिंग की जो मैं रणजी ट्रॉफी में कर रहा था। जब हम बैटिंग कर रहे थे, तो मुझे लगा कि नई गेंद पर शॉट मारना उतना आसान नहीं था। इसलिए मेरा प्लान था कि नई गेंद पर टिके रहूं, विकेट टू विकेट बॉलिंग करूं और अगर मुझे वहां विकेट मिल जाता, तो इससे टीम को बहुत मदद मिलती। यही प्लान था और मैंने उसे लागू किया और विकेट भी लिए।

-मोहम्मद सिराज

सिराज ने बताया कि ऊपर वाले ने 24 घंटे में उनकी तकदीर बदल दी। वो ट्रेनर को मैसेज कर रहा था कि उन्हें डिस्टर्ब ना करें, क्योंकि वो थक गए है और आराम कर रहे हैं और अगले ही पल वो नीली जर्सी पहनकर मैदान पर थे।

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