#SwachhSurvekshan :इंदौर ने हासिल किया नंबर वन का ताज, यूपी का गोंडा सबसे गंदा

किसी भी बड़े अभियान में नंबर-1 बनना जहां गर्व की वजह होती है तो वहीं दूसरी ओर उस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और बेहतर रणनीति भी छुपी होती है। ऐसा ही है स्वच्छता के मामले में देश के नंबर वन बने शहर इंदौर की सफलता की इस कहानी के पीछे।
इंदौर ने हासिल किया नंबर वन का ताजमध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को देश के सबसे स्वच्छ शहर की रैकिंग में पहला मुकाम हासिल हुआ है। वहीं राज्य की राजधानी भोपाल इस लिस्ट में नंबर दो पर काबिज है। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ जैसे बड़े शहर इंदौर की इस उपलब्धि पर मुंह ताक रहे हैं।

इंदौर शहर की कड़ी मेहनत और प्रशासन के दृढ़ संकल्प ने इसे स्वच्छ शहरों की श्रेणी में नंबर वन का ताज दिलाया है। आपको बता दें कि इंदौर वही शहर है जो कि 2011-12 में इस श्रेणी में 61वें पायदान पर था। वहीं 2016 यानि पिछले साल इस शहर को इस श्रेणी में 25वां स्थान मिला। अब शहर की बदली तस्वीर ने इंदौर को स्वच्छता के मामले में नंबर वन शहर बना दिया है।

इस रणनीति से इंदौर ने हासिल किया नंबर वन का ताज

 

1- इंदौर की सफलता के पीछे शहर के नगर निगम की मजबूत रणनीति ने सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को ध्यान में रखकर नगर निगम ने कई मुहिम चलाईं। जिसमें हर घर और दुकानों से कचरा उठाया जाना एक बड़ी वजह है।

2- शहर में गंदगी न हो इसके लिए प्रशासन की तरफ से विशेष ध्यान रखा गया। इसके लिए सड़कों पर जगह- जगह डस्टबिन रखे गए। शहर में एक जगह ही सूखे और गीले कचरे को इकट्ठा करने के लिए अलग-अलग दो डस्टबिन लगाए गए। नगर निगम की मुहिम यहीं नहीं रुकी बल्कि लोगों को जागरुक करने के लिए भी नगर निगम ने कोई कसर नहीं छोड़ी। जागरुकता के लिए शहर को स्वच्छता के बैनर पोस्टर से पाट दिया गया, वॉल पेंटिंग्स बनाई गईं।

3- खुले में शौच से शहर को मुक्त करवाने के लिए जगह-जगह टॉयलेट्स की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही सफाई पर जोर देने के लिए नगर निगम ने मशीनों का सहारा भी लिया। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों को भी अनुशासित कर शहर को इस मुकाम पर लाने की पूरी कोशिश की गई। इस वक्त इंदौर का शहरी और ग्रामीण इलाका दोनों ही खुले में शौच से मुक्त हैं।

4- शहर से कचरा साफ करने के लिए एक विशेष रणनीति के तहत सफाई अभियान चलाया गया। यहां घर से कचरा उठाते वक्त ही सूखे और गीले दोनों तरह के कूड़े को पहले ही अलग कर लिया जाता है। इसके साथ ही शहर में रहवासी इलाकों में एक बार जबकि व्यावयिक क्षेत्रों में दो बार कचरा उठाया जाता है।

5- शहर को साफ शहर बनाने के लिए कुल पांच जगहों पर ट्रांसपोर्टेशन हब बनाए गए हैं। जिसमें सारे शहर का कचरा इकट्ठा होता है। गीला और सूखा कचरा इकट्ठा होने की वजह से इसे तुरंत प्रोसेस किया जाता है जिससे खाद बनाई जाती है। वहीं प्लास्टिक सामग्री को प्रोसेस कर उसे सड़क बनाने में काम में लाया जाता है।

 
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