विवाद के बावजूद सनी लियोनी की वेब सीरीज रिलीज

- in मनोरंजन

जालंधर। सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के विरोध के बावजूद बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी की जिंदगी पर बनी बायोपिक वेब सीरीज करनजीत कौर- द अनटोल्ड स्टोरीरिलीज हो गई है। यह रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। इसका कारण इस इसके नाम में कौर शब्द का जुड़ा होना है। नाम में इस शब्द को लगाए जाने का सिख शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने काफी विरोध किया था। इसके बावजूद फिल्म इसी शीर्षक के साथ रिलीज हो चुकी है।विवाद के बावजूद सनी लियोनी की वेब सीरीज रिलीज

ऐसे में इस विवाद को लेकर विवाद और गहराने के आसार हैं। इस फिल्म में सनी लियोनी की जिंदगी के कई अहम व अनछुए पहलुओं को छुआ गया है। उनकी जिंदगी से जुड़ी वे बातेंजिसका जिक्र पहले कभी नहीं हुआ। इस वेबसीरीज में आप सनी लियोनी के पॉर्न स्टार बनने से लेकर एक बॉलीवुड एक्ट्रेस बनने तक के सफर को जान सकेंगे। यह वेब सीरीज सुभाष चंद्रा के स्वामित्व वाले एस. एल. समूह की वेबसाइट पर रिलीज की गई है।

ये वेब सीरीज सनी की जिंदगी के उस अंधेरे हिस्से पर भी रोशनी डालेगी जो अब तक दुनिया से छुपा हुआ था। सनी एक एक्ट्रेस के तौर पर कैसी हैंयह तो दर्शक जानते ही हैं पर वह एक बेटी और एक बहन के तौर पर कैसी थीं ये इस वेब सीरीज में देखा जा सकेगा। इस वेब सीरीज में 14 साल की रयसा सौजानी ने छोटी सनी लियोनी का रोल निभाया है। 

प्रदर्शन करेगी दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी

दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सुभाष चंद्रा को पत्र लिखकर इस फिल्म के शीर्षक से कौर शब्द को हटाने की मांग की है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि कौर शब्द को फिल्म के शीर्षक से जल्द न हटाया गया तो इसके परिणाम काफी गंभीर होंगे। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य मीडिया समूहों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने पत्र में कहा है कि फिल्म के शीर्षक में कौर शब्द लगाकर सिखों की भावनाओं को आहत किया गया है। कौर शब्द सिख महिलाओं के लिए गुरु साहिबान की देन हैइसके बावजूद इस शब्द को फिल्म से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीय होने और सिख परंपराओं की जानकारी होने के बावजूद सुभाष चंद्रा की ओर से ऐसा किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें सनी लियोन की फिल्म से कोई एतराज नहीं है पर इस शब्द को इस फिल्म से हटाया जाए।

सिखों से जुड़ी फिल्मों के लिए बनाया है अलग बोर्ड

बता दें कि इस साल अकाल तख्त ने सिखों से जुड़ी फिल्मों के लिए एक अलग बोर्ड बनाया है। फिल्म नानक शाह फकीर को हुए विवाद को लेकर इस बोर्ड के गठन की जरूरत महसूस हुई। सिखों से जुड़ी फिल्मों को इस बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।

क्या कहते हैं एसजीपीसी के प्रवक्ता

सनी ने अपना धर्म बदला हुआ हैऐसे में कौर शब्द क्यों जोड़ा : बेदी

एसजीपीसी के प्रवक्ता दलजीत सिंह बेदी ने कहा कि सनी लियोनी की वेब सीरिज करनजीत कौर द अनटोल्ड स्टोरी आफ सन्नी लियोनी के बीच सन्नी लियोनी ने अपना नाम करनजीत कौर पेश करके सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उसने अगर अपनी कोई वेब सीरीज जारी करनी थी तो उसे अपने प्रसिद्ध सन्नी लियोनी नाम पर ही जारी करनी चाहिए थी। कौर शब्द लिख कर उसने सिख कौम को अपमानित करने की कोशिश की है।

उन्‍होंने कहा कि फिल्म तैयार करने वालों को करनजीत के साथ कौर शब्द हटाना चाहिए था। क्योंकि करनजीत उर्फ सनी लियोनी ने अपना धर्म बदल लिया है। एसजीपीसी इस वेब सीरिज का हर स्तर पर विरोध करेगी। सिख कौम से भी अपील की जाती है कि इसका विरोध किया जाए।

कानून की नजर में

पहले ही कदम उठाया जाना चाहिए था

पंथक मामलों के वकील एडवोकेट एलएस सहमी कहते हैं कि सनी लियोनी की तैयार वेब सीरीज में उसके नाम के साथ कौर हटाने के लिए पहले कदम उठाना चाहिए था। अब तो सारी दुनिया में वो बात फैल चुकी है जिसको एसजीपीसी आज रोकना चाहती है। सन्नी लियोनी के नाम के साथ कौर शब्द रोकने के लिए पहले कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी। दिल्ली कमेटी व एसजीपीसी सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है। एसजीपीसी को चाहिए कि आज भी प्रदर्शन करने की जगह अदालत कीशरण में जाकर इसको रुकवाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Stree के सुपरहिट होने पर बोले राजकुमार, ‘स्टारडम’ बनाता है प्रेशर

राजकुमार राव की फिल्म ‘स्त्री’ बॉक्स ऑफिस पर