SPF 30 या 50: आपकी स्किन के लिए कौन सा सनस्क्रीन है बिल्कुल सही?

गर्मी के मौसम में घर से बाहर कदम रखते ही चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ता है। सूरज की रोशनी से निकलने वाली यूवी किरणें हमारी स्किन को काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए अपनी त्वचा को धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाना काफी जरूरी है।
आइए जानें कि सनस्क्रीन क्यों आपकी स्किन के लिए जरूरी है, कितने SPF वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए और सनस्क्रीन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
सनस्क्रीन त्वचा के लिए क्यों जरूरी है?
सूरज की रोशनी से UVAऔर UVB किरणें निकलती हैं। सनस्क्रीन इन हानिकारक किरणों से स्किन को बचाने के लिए ढाल का काम करता है। इन अल्ट्रावायलेट किरणों की वजह से त्वचा में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, जिनसे सनस्क्रीन बचाव करता है।
समय से पहले बुढ़ापे को रोकना- धूप की वजह से चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन आने लगता है, जिसे फोटो-एजिंग कहते हैं। सनस्क्रीन इसे रोकने में सबसे असरदार है।
हाइपरपिग्मेंटेशन से बचाव- धूप के कॉन्टेक्ट में आने से चेहरे पर डार्क स्पॉट्स और पिग्मेंटेशन हो जाती है। सनस्क्रीन त्वचा की चमक और ईवन टोन बनाए रखती है।
स्किन कैंसर का खतरा- नियमित सनस्क्रीन का इस्तेमाल स्किन कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है।
कितने SPF वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए?
SPF (Sun Protection Factor) यह मापता है कि सनस्क्रीन UVB किरणों से आपकी त्वचा को कितनी देर तक बचा सकती है।
SPF 15- यह लगभग 93% UVB किरणों को रोकता है। यह घर के अंदर रहने वालों के लिए ठीक है।
SPF 30- यह लगभग 97% किरणों को ब्लॉक करता है।
SPF 50- यह लगभग 98% किरणों को रोकता है। अगर आप लंबे समय तक बाहर रहने वाले हैं या समुद्र किनारे जा रहे हैं, तो SPF 50 बेहतर ऑप्शन है।
याद रखें कोई भी सनस्क्रीन 100% सुरक्षा नहीं देती, इसलिए इसे हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाना जरूरी है।
सनस्क्रीन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
सही सनस्क्रीन चुनना उतना ही जरूरी है जितना उसे लगाना। खरीदते समय इन बातों को जरूर ध्यान रखें-
ब्रॉड स्पेक्ट्रम- हमेशा वही सनस्क्रीन लें जिस पर ब्रॉड स्पेक्ट्रम लिखा हो। इसका मतलब है कि यह UVA और UVB दोनों किरणों से बचाएगी।
PA रेटिंग- पैकेजिंग पर PA+, PA++ या PA+++ देखें। जितने ज्यादा + होंगे, उतनी ही बेहतर सुरक्षा UVA किरणों से मिलेगी।
त्वचा का प्रकार- अगर त्वचा ऑयली है, तो जेल-बेस्ड या मैट सनस्क्रीन चुनें। अगर त्वचा ड्राई है, तो लोशन या क्रीम-बेस्ड हाइड्रेटिंग सनस्क्रीन लें।
वॉटर रेजिस्टेंट- अगर आपको पसीना ज्यादा आता है या आप स्विमिंग करते हैं, तो वॉटर रेजिस्टेंट ऑप्शन चुनें।
सनस्क्रीन न लगाने के नुकसान
अगर आप सनस्क्रीन को नजरअंदाज करते हैं, तो त्वचा को कई नुकसान हो सकते हैं-
सनबर्न- त्वचा का लाल होना, जलन और खुजली।
डार्क स्पॉट्स- चेहके पर डार्क स्पॉट्स और पिग्मेंटेशन।
इलास्टिसिटी खत्म होना- त्वचा अपनी लचक खो देती है, जिससे वह उम्र से पहले बूढ़ी और लटकी हुई दिखने लगती है।





