कोर्ट मार्शल के खास मामले, शराब बेचने और प्यार चुराने पर मिली ये सजा
जोधपुर। सेना में कोर्ट मार्शल शब्द से ही सभी की कंपकपी छूट जाती है। सैन्य अनुशासन बरकरार रखने के लिए कोर्ट मार्शल किया जाता है। कई मामलों के कोर्ट मार्शल पूरे देश में चर्चित रहे। किसी अधिकारी पर अपने साथी अधिकारी का प्यार चुराने का आरोप लगा तो कभी फर्जी मुठभेड़ दर्शा वीरता पुरस्कार हासिल करने का प्रयास करने पर भी कोर्ट मार्शल किया गया।

एलओसी पर ड्यूटी के दौरान गलती से पाकिस्तान की सीमा में चले गए भारतीय सैनिक चंदू चव्हाण को आर्मी कोर्ट ने दोषी ठहराया है। उन्हें तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई है। ऐसे में आइये जानते है देश के कुच चर्चित कोर्ट मार्शल केसेज के बारे में…
बेच दी सेना की शराब
– वर्ष 2002 में मराठा लाइट इंफेंट्री के बिग्रेडियर आरपी सिंह सेना की कैंटीन में सैनिकों के लिए आने वाली शराब की बड़ी खेप को खुले बाजार में बेच देने का आरोप लगा। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कोर्ट मार्शल कर सेना से बर्खास्त कर दिया गया।
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साथी ऑफिसर का प्यार चुराने पर हुआ कोर्ट मार्शल
– जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर नवंबर 2012 में स्क्वाड्रन लीडर आनंदिता दासगुप्ता की आत्म हत्या के मामले में एयरफोर्स ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए थे। जांच के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट इशान शरण पर साथी अफसर की पत्नी का प्यार चुराने का दोषी ठहराया गया था। जांच में कहा गया था कि इस कृत्य से एयरफोर्स की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। जांच में इशान को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंषा की। इस फैसले के खिलाफ इशान ने एएफटी की कोलकाता शाखा में चुनौती दी। ट्रिब्यूनल ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के फैसले को बदलते हुए अपने आदेश में कहा कि बर्खास्त करने की तिथि 28 जून 2013 से वित्तीय लाभ के साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट की इशान शरण की सेवा समाप्त मानी जाएं। अब उसे सेवा से बर्खास्त नहीं माना जाएगा।
महिला अधिकारी से की छेड़छाड़
– सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल एके लाल पर वर्ष 2007 में एक जूनियर महिला अधिकारी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया। उसका कहना था कि योग सीखने के बहाने मेजर जनरल एके लाल ने उसके साथ छेड़छाड़ की। जांच सही पाए जाने कोर्ट मार्शल कर उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया गया।





