SP सुरेंद्र कुमार दास ने जहर खाया, मंगलवार को हुआ था विवाद, सामने आईं ये बातें
कानपुर एसपी पूर्वी के पद पर तैनात आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास ने बुधवार सुबह कैंट स्थित सरकारी आवास में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन और मातहत पुलिसकर्मी उन्हें उर्सला ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है। एडीजी, एसएसपी समेत तमाम पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर सुरेंद्र कुमार का हालचाल लिया। देर रात तक अस्पताल में प्रदेश भर के आईपीएस अफसर सुरेंद्र कुमार का हालचाल जानते रहे। एसपी पश्चिम संजीव सुमन का कहना है कि सुरेंद्र कुमार ने पारिवारिक कलह के चलते यह कदम उठाया है। कलह किस बात की और किसे लेकर थी, इसकी छानबीन की जा रही है। 
मूलरूप से बलिया के भरौली निवासी सुरेेंद्र कुमार दास (31) 2014 बैच के आईपीएस हैं। इस वक्त पीजीआई लखनऊ के कल्ली पश्चिम में उनकी मां इंदू, भाई नरेंद्र और एक अविवाहित बहन रहती है। एक बहन की शादी हो चुकी है। 3 अगस्त को सुरेंद्र कुमार एसपी पूर्वी बने। यहां कैेंट स्थित सरकारी आवास में वह पत्नी डॉ. रवीना सिंह के साथ रहते हैं। बुधवार सुबह सुरेंद्र कुमार ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पत्नी डॉ. रवीना और पुलिसकर्मी उन्हें फार्चून अस्पताल और फिर उर्सला ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीजेंसी अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटीलेटर पर रखा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात सुरेंद्र कुमार का पत्नी डॉ. रवीना से किसी बात पर विवाद हो गया। इसकी जानकारी डॉ.रवीना ने मायके वालों को दे दी। इसके बाद डॉ.रवीना के पिता डॉ. रामेंद्र सिंह और मां एसपी के घर पहुंच गए। कमरे में घंटों दोनों पक्षों में बातचीत चली। इसके बाद डॉ.रवीना केमाता-पिता अपने घर लौट गए। इसके बाद सुरेंद्र कुमार ने जहर खा लिया। सुबह सुरेंद्र कुमार की हालत बिगड़ने पर डॉ. रवीना ने फालोअर और छावनी पुलिस को इसकी सूचना दी।
सुरेंद्र की शादी सर्वोदय नगर स्थित ईएसआई निदेशालय में मेडिकल ऑफीसर डॉ. राघवेंद्र सिंह की बेटी डॉ. रवीना से नौ अप्रैल 2017 में हुई थी। समारोह लखनऊ में हुआ था। डॉ.रवीना का परिवार यहां निदेशालय कैंपस में ही रहता है। डॉ. रवीना ने मेडिकल कालेज कानपुर से एनाटॉमी विभाग से एमएस किया है। जून 2018 में एमएस पूरा करने के बाद डॉ. रवीना जुलाई में अंबेडकरनगर मेडिकल कालेज में डिमांस्ट्रेटर बनीं। एक महीने बाद अगस्त में उन्होंने संविदा की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त सुरेंद्र कुमार अंबेडकर नगर में बतौर सीओ तैनात थे।





