लखनऊ. 12 जुलाई को यूपी विधानसभा की सीट नंबर 80 पर मिले पाउडर को PETN विस्फोटक बताने वाले यूपी फॉरेंसिक लैब के डायरेक्टर डॉ. एसबी उपाध्याय को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। लखनऊ FSL के डायरेक्टर ने प्राइमरी जांच के आधार पर बरामद पाउडर को PETN बता दिया था। उनकी रिपोर्ट पर ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे खतरनाक आतंकी साजिश ठहराते हुए नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने का एलान कर दिया था। एनआईए ने जब सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब, हैदराबाद में कराई तो बरामद पाउडर सिलीकॉन ऑक्साइड पाया गया, जो विस्फोटक नहीं होता। DG (टेक्निकल) की रिपोर्ट पर डीजीपी ने डॉ. उपाध्याय को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि निलंबित डायरेक्टर पर लगे आरोपों की जांच निदेश विजिलेंस हितेश अवस्थी को सौंपी गई है।
एक्सपायरी किट से हुई थी जांच…
– जांच में इस बात का पता चला कि मार्च 2016 में एक्सपायर हुई किट से संदिग्ध पाउडर की जांच की गई थी। लखनऊ लैब की रिपोर्ट के आधार सीएम ने विधानसभा में संदिग्ध पाउडर को विस्फोटक बता दिया था।
– संदिग्ध पाउडर के विस्फोटक होने की पुष्टि के बाद से ही यह सवाल उठने लगे कि कहीं इस्तेमाल की गई किट एक्सपायर्ड तो नहीं थी। जब इसकी जांच कराई गई तो यह साफ हो गया कि लखनऊ एफएसएल में एक्सपायरी किट से जांच की गई थी।
– सिलीकॉन ऑक्साइड खतरनाक नहीं होता। कई फू़ड प्रोडक्ट्स में भी इसका इस्तेमाल होता है। इसे सिलिका के नाम से भी जाना जाता है। इसे एंटीकेकिंग एलिमेंट भी कहा जाता है। यह कई पाउडर मटैरियल को आपस में चिपकने से रोकता है।
12 जुलाई को यूपी विधानसभा में मिला था संदिग्ध पाउडर
– 12 जुलाई की सुबह यूपी विधानसभा में 150 ग्राम संदिग्ध पाउडर मिलने का खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक जांच मे विस्फोटक मिलने की पुष्टि लखनऊ के फारेंसिक लैब ने की थी।
सपा विधायक की सीट के नीचे मिला था संदिग्ध पाउडर
– संदिग्ध पाउडर मिलने के बाद योगी ने सिक्युरिटी रिव्यू किया था। पाउडर उस 80 नंबर की सीट पर पाया गया था जिसपर उस दिन सपा विधायक मनोज पांडे व कन्नौज के विधायक अनिल दोहरे बैठे थे।
सीसीटीवी से भी नहीं मिला कोई सुराग
– विधानसभा के अंदर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों से भी ऐसा कोई सुराग नहीं मिला था, जिससे पता चल सके कि ये पाउडर विधानसभा में कौन लाया था।