शहीद बलविंदर सिंह चिब: शहादत की एक और अद्भुत कहानी…

कठुआ जिले के जुथाना के सफेन इलाके में आतंकवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में तीन पुलिस के जवान शहीद हो गए हैं। मुठभेड़ में बलविंदर सिंह चिब आतंकी के साथ लोहा लेते शहीद हो गए है। देशभक्ति और बलिदान की मिसाल कायम करने वाले बलविंदर सिंह चिब की शहादत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। कठुआ जिले के काना चक के इस वीर सपूत की शहादत के साथ ही यह परिवार तीसरी पीढ़ी में चौथा शहीद देने वाला परिवार बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार का नाम पहले से ही शहादत के लिए जाना जाता रहा है।

बलविंदर सिंह चिब की शहादत की खबर मिलते ही उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की आंखों में आंसू थे, लेकिन गर्व भी था कि देश के लिए बलिदान देने वाले इस परिवार की परंपरा आज भी कायम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परिवार के पुरखों ने भी देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

ग्रामीणों ने बताया कि बलविंदर सिंह चिब हमेशा से देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे और उन्होंने हमेशा मातृभूमि की सेवा को प्राथमिकता दी। गांव के बुजुर्गों ने याद किया कि इस परिवार के सदस्य हमेशा देश के लिए बलिदान देने के लिए तत्पर रहते थे। शहादत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बलविंदर सिंह ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।

परिवार के सदस्यों का कहना है कि बलविंदर सिंह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे और उनके साहस और जज्बे का हर कोई कायल था। उनकी शहादत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि बलविंदर सिंह चिब के बलिदान को उचित सम्मान देते हुए उनके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।

शहादत की यह कहानी एक बार फिर साबित करती है कि कठुआ की धरती वीर सपूतों की जन्मस्थली है, जहां हर घर में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। बलविंदर सिंह चिब का नाम अब हमेशा के लिए अमर रहेगा, और उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।

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