शनि की उल्टी चाल से ऐसे करें खुद का बचाव, नहीं पड़ेगा जीवन पर बुरा असर

भगवान शनि को न्याय का स्वामी माना जाता है। ऐसा कहा जाता शनि देव की पूजा करने से सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। इसके साथ ही कुंडली में उनकी स्थिति मजबूत होती है। हालांकि शनि देव की पूजा के साथ अपने कर्मों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वे व्यक्ति को कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं।

वहीं, ज्योतिष आकलन के अनुसार, 30 जून को मध्य रात्रि में सूर्य पुत्र शनि अपनी प्रिय राशि कुंभ में उल्टी चाल (Shani Ulti Chal 2024) शुरू करने जा रहे हैं, जिसमें कुछ प्रमुख बातों का ध्यान रखना चाहिए।

इन नियमों का करें पालन
इस दिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
स्नान के पानी में गंगाजल अवश्य मिलाएं ।
शनिदेव की विधि अनुसार पूजा करें।
भगवान शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें।
पीपल के पेड़ के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
इस दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।
गरीबों की मदद अवश्य करें।
इस दिन छाया का दान करें।
इस तिथि पर सात्विक भोजन ग्रहण करें।
किसी का अपमान न करें।
अपने कर्मचारियों तथा घरेलू सहायकों के साथ बुरा व्यवहार न करें।
तामसिक भोजन जैसे- मांस खाने और शराब पीने से बचें।
अभद्र भाषा के प्रयोग से बचें।

भगवान शनि पूजन मंत्र
ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्।।
ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥
ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।
ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।

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