संजय राउत ने BJP तो तंज कसते हुए कहा कि कर्नाटक तो झांकी है, अभी पूरा हिंदुस्तान बाकी है..

पर तंज कसते हुए कहा कि कर्नाटक तो एक झांकी है अभी पूरा हिंदुस्तान बाकी है। साथ ही उन्होंने बताया कि आज शाम को महाविकास अघाड़ी की बैठक बुलाई गई है जिसमें आगे के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
कर्नाटक में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संजय राउत ने कहा कि कर्नाटक तो झांकी है, अभी पूरा हिंदुस्तान बाकी है।

‘भाजपा हार गई तो दंगे होंगे’
कर्नाटक में कांग्रेस की जीत पर संजय राउत ने कहा, “कर्नाटक तो झांकी है और अभी पूरा हिंदुस्तान बाकी है। कर्नाटक ने दिखाया है कि देश की जनता तानाशाही को पराजित कर सकती है। जो 1978 में हुआ था, वहीं अब कर्नाटक से शुरुआत हो चुकी है।”
बजरंग बली को लेकर हुए दंगे के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “चुनाव प्रचार में बजरंग बली शामिल थे, लेकिन भाजपा नहीं जीती और कांग्रेस जीत गई। इसका मतलब बजरंग बली का कांग्रेस के साथ रहे। हमारे गृह मंत्री (अमित शाह) बोल रहे थे कि भाजपा हार गई तो दंगे हो जाएंगे। कर्नाटक शांत हैं और खुश है। कहां हैं दंगे? आप धमकियां दे रहे थे, क्या हुआ? जनता के सामने आपका कुछ नहीं चला, जनता ने आपको पराजित कर दिया।”
महा विकास अघाड़ी की होगी बैठक
मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने महाराष्ट्र की सियासत पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज शाम यानी रविवार को शरद पवार के आवास पर महा विकास अघाड़ी की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उद्धव ठाकरे, नाना पटोले, अजीत पवार, बालासाहेब थोराट और अन्य कई नेता शामिल होंगे।
कांग्रेस की जीत के बाद विपक्ष हुआ मजबूत
कर्नाटक में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद विपक्ष काफी मजबूत महसूस कर रहा है। विपक्ष का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार का किला हिलने वाला है। लोगों ने अपना मन बना लिया है और उन्हें पता है कि आगे उन्हें किसका साथ देना है। कर्नाटक में भाजपा की हार के बाद विपक्ष ने मिलकर लोकसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
विपक्ष पार्टी के नेता जैसे टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार आदि इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि जैसे कर्नाटक में भाजपा डगमगा गई, वैसे ही देश की जनता लोकसभा चुनाव में सही निर्णय लेकर भाजपा की उम्मीदों को तोड़ेगी।
कर्नाटक में कांग्रेस को मिला बहुमत
आपको बताते चलें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कुल 224 सीटों में से 135 सीटों के साथ बहुमत मिला है। वहीं भाजपा केवल 66 सीटें ही जीत पाई है। इसके अलावा, जेडीएस को इस चुनाव में मात्र 19 सीटों के साथ संतुष्टि करनी पड़ी है।





