अभी अभी: कमिश्नर की रिपोर्ट से हुआ खुलासा, जानिए कौन है BHU बवाल का असली जिम्मेदार

बीएचयू में बवाल के मामले में वाराणसी के कमिश्नर रमेश नितिन गोकर्ण ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है। कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यूनिवर्सिटी ने पीड़ित छात्रा की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और न ही मामले की संवेदनशीलता को समझा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसके बाद भी लापरवाही बरती और स्थिति को समय रहते काबू करने के लिए कदम नही उठाए।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में यह भी बीएचयू प्रशासन ने अगर धरने के पहले दिन ही छात्र-छात्राओं से संवाद किया गया होता तो परिसर में उपद्रव के हालात नहीं बनते। संवाद न होने से नाराजगी बढ़ गई और आंदोलन बढ़ गया।
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यह भी बताया गया है कि कानून व्यवस्था ठीक होने और धरना शांतिपूर्ण होने का दावा करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे मामले से दूरी बनाए रखी। जिला प्रशासन ने भी यदि शुरुआत में ही बीएचयू प्रशासन से वार्ता कर हल निकालने की कोशिश की होती तो छात्राओं की सुरक्षा की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन उग्र नहीं होता।
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बता दें कि शनिवार रात परिसर हुए पथराव, लाठीचार्ज, बमबाजी, आगजनी और फायरिंग के मामले में रविवार को प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। इसी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना की जांच कराने का निर्देश कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण को दिया है। उनसे मीडियाकर्मियों की पिटाई पर भी रिपोर्ट मांगी गई है।





