RCA विवाद में बाेले अध्यक्ष: जब तक ललित मोदी तब तक नहीं हटेगा सस्पेंशन

जयपुर.लोकपाल ज्ञानसुधा मिश्रा आरसीए में चल रहा डैडलॉक खत्म करना चाहती थीं। उनके भी मन में यही था कि किसी भी तरह राजस्थान में क्रिकेट शुरू हो। यही कारण था कि उन्होंने न केवल आरसीए की कार्यकारिणी के सभी सदस्यों बल्कि जिला संघ के सचिवों को भी मीटिंग में आमंत्रित किया था। इसी उम्मीद से कि शायद बीसीसीआई से सस्पेंशन हटाने को लेकर किसी तरह की कोई सहमति बन जाए। लेकिन दो सेशन में चली हंगामेदार मीटिंग के बाद लोकपाल जब बाहर आईं तो वे खुद भी निराश थीं। उन्होंने कहा, ‘सबके अपने-अपने मुद्दे हैं। मैं चाहती हूं आरसीए का डैडलॉक दूर होना चाहिए। फैसला इन सबको मिलकर करना है। जनरल बॉडी बुलाना जरूरी है।’

नांदू के सस्पेंशन पर हुई बहस
कार्यकारिणी द्वारा आर.एस. नांदू को सस्पेंड किए जाने को लेकर मीटिंग में ज्यादा माथापच्ची हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खुद लोकपाल भी असमंजस में थीं। उन्होंने कहा, ‘मेरी समझ में नहीं आ रहा कि चुने गए सचिव को कैसे हटा सकते हैं। इस पर लंबी बहस हुई। मैं इस पर एक-दो दिन में अपना निर्णय सुनाऊंगी।’
कार्यकारिणी द्वारा आर.एस. नांदू को सस्पेंड किए जाने को लेकर मीटिंग में ज्यादा माथापच्ची हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खुद लोकपाल भी असमंजस में थीं। उन्होंने कहा, ‘मेरी समझ में नहीं आ रहा कि चुने गए सचिव को कैसे हटा सकते हैं। इस पर लंबी बहस हुई। मैं इस पर एक-दो दिन में अपना निर्णय सुनाऊंगी।’
मोदी के कारण 4 साल से बंद है क्रिकेट : पठान
एक व्यक्ति ललित मोदी की वजह से पिछले चार साल से राजस्थान की क्रिकेट बंद पड़ी है। एक व्यक्ति विशेष की बफादारी की वजह से कुछ लोग नहीं चाहते कि आरसीए का निलंबन बहाल हो। नागौर जिला क्रिकेट संघ को भंग कर जल्द से जल्द आरसीए का निलंबन बहाल करने की पहल हम सभी को मिलकर करनी चाहिए।
एजीएम में हार्ड डिसीजन लेने होंगे : पिंकेश
आरसीए के कोषाध्यक्ष पिंकेश जैन ने कहा कि इस डैडलॉक का हल निकलेगा। बात ललित मोदी पर जाकर अटक गई है। आरसीए की एजीएम में हार्ड डिसीजन लेने होंगे। आरसीए सचिव को लेकर चल रहे विवाद में लोकपाल का निर्णय आने के बाद एजीएम बुलाई जाएगी।
आरसीए के कोषाध्यक्ष पिंकेश जैन ने कहा कि इस डैडलॉक का हल निकलेगा। बात ललित मोदी पर जाकर अटक गई है। आरसीए की एजीएम में हार्ड डिसीजन लेने होंगे। आरसीए सचिव को लेकर चल रहे विवाद में लोकपाल का निर्णय आने के बाद एजीएम बुलाई जाएगी।
मीटिंग शुरू होने से पहले वकीलों को कर दिया था बाहर
मीटिंग शुरू होने से पहले ही सीपी जोशी के विरोध करने पर ललित मोदी गुट से मीटिंग हॉल में बैठे कई वकीलों को ज्ञानसुधा मिश्रा ने बाहर कर दिया था। जोशी ने कहा था कि मीटिंग कार्यकारिणी और जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों की बुलाई गई है तो फिर इस मीटिंग में वकील क्या कर रहे हैं। हालांकि लोकपाल जाते-जाते यह भी कह गईं कि मुझे निर्णय करना है इसलिए अगली मीटिंग में सुनवाई वकीलों के मार्फत ही करूंगी।
मीटिंग शुरू होने से पहले ही सीपी जोशी के विरोध करने पर ललित मोदी गुट से मीटिंग हॉल में बैठे कई वकीलों को ज्ञानसुधा मिश्रा ने बाहर कर दिया था। जोशी ने कहा था कि मीटिंग कार्यकारिणी और जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों की बुलाई गई है तो फिर इस मीटिंग में वकील क्या कर रहे हैं। हालांकि लोकपाल जाते-जाते यह भी कह गईं कि मुझे निर्णय करना है इसलिए अगली मीटिंग में सुनवाई वकीलों के मार्फत ही करूंगी।
जब तक ललित मोदी तब तक नहीं हटेगा निलंबन : जोशी
सीपी जोशी खुद भी इस मीटिंग में थे। मीटिंग के बाद उन्होंने कहा, ‘नांदू मुद्दा नहीं है। मुद्दा ललित मोदी के नागौर जिला क्रिकेट संघ से हटने का है। इस पर कार्रवाई नांदू को ही करनी है वे नागौर के सचिव हैं। वे ऐसा करते हैं तो ठीक है। मेरा तो एकमात्र उद्देश्य है कि बीसीसीआई से आरसीए का निलंबन खत्म हो। इसीलिए हमने नागौर जिले और नांदू को उस समय सस्पेंड किया था ताकि बीसीसीआई में एक पॉजिटिव मेसेज जाए। बीसीसीआई ने अपने पत्र में लिखा था कि नागौर जिला क्रिकेट संघ के मान्यता को समाप्त करो लेकिन हमने सिर्फ सस्पेंशन किया था।’





