Ranji Trophy Final में पहली बार पहुंची J&K क्रिकेट टीम; खिताबी मैच में किससे होगी भिड़ंत?

जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने बंगाल को रणजी सेमीफाइनल मैच में हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया है। सेमीफाइनल मैच के चौथे दिन सुबह उन्होंने 126 रन के छोटे लक्ष्य को हासिल कर जीत दर्ज की। ये जम्मू और कश्मीर क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल है।
इस जीत के असली हीरो आकिब नबी रहे, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लिए, जिसमें पहली पारी में 5 विकेट शामिल थे। गेंदबाजी के साथ ही अब्दुल ने बल्ले से भी योगदान दिया। पहली पारी में 82 रन तो दूसरी पारी में नाबाद 30 रन बनाकर टीम को ये अहम जीत दिलाई। अब जम्मू-कश्मीर की टीम का सामना रणजी ट्रॉफी फाइनल में किस टीम से होगा, ये कर्नाटक बनाम उत्तराखंड के बीच खेले जा रहे मैच की विनर टीम मिलते पता चल जाएगा।
Ranji Trophy के फाइनल में पहली बार पहुंची J&K क्रिकेट टीम
दरअसल, 16 फरवरी यानी सोमवार तक जम्मू-कश्मीर और बंगाल की टीम के बीच जो कांटे की टक्कर दिख रही थी, वो मंगलवार यानी 17 फरवरी को वह एकतरफा लड़ाई में बदल गई।
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार (4/36) और सुनील कुमार (4/27) ने अचानक मैच का रूख मोड़ते हुए अपनी टीम को पहली बार रणजी ट्राफी के फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने घातक गेंदबाजी कर बंगाल की दूसरी पारी 99 रनों पर धराशायी किया।
जम्मू-कश्मीर को मिला था 126 रन का टारगेट
जम्मू कश्मीर को जीत के लिए मात्र 126 रनों का लक्ष्य मिला है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक उसने दो विकेट खोकर 43 रन बनाए और उसे जीत के लिए चौथे दिन यानी आज मात्र 83 रनों की जरूरत थी, जिसे जम्मू-कश्मीर की टीम ने वंशज शर्मा की 43 रन की नाबाद पारी और अब्दुल समद की नाबाद 30 रन की पारी के दम पर हासिल कर लिया।
शमी ने चटकाए 9 विकेट
इस मैच में कश्मीर की पहली पारी 302 रनों पर समाप्त हुई। मोहम्मद शमी ने 90 रन देकर पहली पारी में 8 विकेट चटकाए और दूसरी पारी में उनके खाते में 1 सफलता आई, लेकिन शमी की ये पारी बंगाल की टीम को रणजी ट्रॉफी के फाइनल का टिकट नहीं दिला सकी। भले ही वो बंगाल की टीम को जीत नहीं दिला सके, लेकिन उन्होंने एक बार फिर भारतीय टीम में चयन के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।
J&K क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास
बंगाल की टीम के खिलाफ मिली इस जीत के साथ जम्मू-कश्मीर हिमालयी इलाके की पहली टीम बन गई है जो भारत की सबसे बड़ी प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंची है। यह उनके लिए एक बड़ा इतिहास है।





