आज नहीं कल चलेगा राम रहीम के डेरे में सर्च ऑपरेशन, फोर्स को है स्पेशल कमिश्नर का इंतजार

सिरसा। साध्वी यौन शोषण प्रकरण में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह पिछले 11 दिन से रोहतक की जिला जेल में बंद हैं, वहीं पुलिस-फोर्स डेरे की तलाशी की तैयारी में है। मंगलवार को इस मामले में हाईकोर्ट मंजूरी दे चुका है। सिरसा पहुंचे संचना एवं जनसंपर्क विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सतीश मेहरा की मानें तो आज डेरे में सर्च ऑपरेशन चलने की संभावनाएं न के बराबर हैं। उन्होंने बताया कि न्यायिक अधिकारी यहां शाम तक पहुंचेंगे, फिर प्रशासन के साथ बैठक करके आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी। डेरे में गुरुवार को सर्च अभियान चलेगा।
आज नहीं कल चलेगा राम रहीम के डेरे में सर्च ऑपरेशन, फोर्स को है स्पेशल कमिश्नर का इंतजार

हरियाणा सरकार ने लगाई थी याचिका…

– बताते चलें कि साध्वियों से यौन शोषण के मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम इन दिनों जेल में हैं। कोर्ट की तरफ से उन्हें सजा सुनाए जाने के बाद प्रदेशभर में डेरों और नामचर्चा घरों से संदिग्ध चीजें मिल रही हैं, वहीं राज्य सरकार ने डेरे की संपत्तियों की जांच न्यायिक अधिकारी की निगरानी में कराने के लिए सोमवार को याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया।
– जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस अवनीश झिंगन की फुल बेंच ने जांच की निगरानी के लिए पानीपत के रिटायर्ड जिला एवं सेशन जज अनिल कुमार पवार को नियुक्त किया है।
– सरकार उन्हें पर्सनल स्टाफ मुहैया कराएगी। उन्हें 1.45 लाख रुपए वेतन दिया जाएगा। वह एक सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। हाईकोर्ट ने सर्च ऑपरेशन की वीडियोग्राफी करने के भी आदेश दिए हैं।
– हरियाणा के डीजीपी बलजीत सिंह संधू ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी बुधवार को हमें मिल जाएगी। इसे हम रिटायर्ड जज को उपलब्ध करा देंगे। जब वे अनुमति देंगे, सर्च ऑपरेशन शुरू हो जाएगा।
– जांच के लिए एडीजीपी प्रशांत कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई गई है। सिरसा में ऑपरेशन के लिए एक आईएएस और तीन आईपीएस को जिम्मा सौंपा गया है।

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इन 3 बिंदुओं पर होगी जांच

सूत्रों के अनुसार डेरे में तीन बिंदुओं पर जांच की जाएगी। पहला अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री। दूसरा काेई भी आपत्तिजनक वस्तु। जैसे अवैध प्रॉपर्टी, ब्लैक मनी या अन्य सामग्री। तीसरा पूर्व साधकों द्वारा डेरे में डेडबॉडी को जमीन में दफनाने का सच जानना। अगर प्रशासन को शक हुआ तो डेरे की खुदाई भी कराई जा सकती है।

ये है फोर्स का इंतजाम

– सर्च अभियान का जिम्मा आईजी हिसार रेंज अमिताभ ढिल्लों और सिरसा डीसी प्रभजोत सिंह को सौंपा गया है। वहीं, एसपी अश्विन शैणवी के साथ दो और आईपीएस अधिकारी भी सर्च ऑपरेशन में सहयोग करेंगे। जिन दो आईपीएस अधिकारियों को सिरसा भेजा है, उनमें आईपीएस विरेंद्र विज और दीपक गहलावत के नाम शामिल हैं। 
– 40 सदस्यीय स्वैट कमांडो की टीम भी पहुंच गई है। बम निरोधक दस्ता के 50 सदस्य भेजे हैं। डॉग स्क्वॉयड की टीमें भी बुलाई हैं। पैरामिलिट्री की 41 कंपनियां तैनात हैं। जिसमें बीएसएफ की दो, आईटीबीपी की पांच, सीआरपीएफ की 20, एसएसबी की 12, आरएएफ की दो कंपनी शामिल हैं। 
– वहीं, विभिन्न जिलों से बुलाई गई हरियाणा पुलिस की टीमें अलग से मोर्चा संभाले है। मंगलवार को एसपी अश्विन शैणवी ने अन्य आला अधिकारियों के साथ पुराने डेरे से लेकर नए डेरे तक सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और नाकेबंदी कर रहे जवानों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

137 डेरे नामचर्चा घर हो चुके सील

– डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में 137 डेरे नामचर्चा घर सील किए जा चुके हैं। 228 मामले दर्ज किए गए हैं। प्रदेश में अभी 131 पैरामिलिट्री की कंपनियां हैं।
– 16 सितंबर को रंजीत हत्याकांड और पत्रकार छत्रपति हत्या मामले की सुनवाई को लेकर भी पुलिस तैयार है। पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी या कोर्ट ले जाया जाएगा, इस बारे में सीबीआई ही फैसला लेगी।

चेयरपर्सन ने कहा-डेरा प्रशासन के साथ

– डेरे की चेयरपर्सन विपासना इंसां ने कहा, ‘हम डेरे में सर्च अभियान के लिए प्रशासन के साथ हैं। डेरे की सारी संपत्ति वैध है। यहां किसी प्रकार की कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं है।
– प्रशासन को हमने सारे सबूत दे दिए हैं। डेरे के नाम जो लाइसेंसी हथियार थे, उन्हें थाने में जमा करा दिया गया है। जो रह गए हैं उन्हें भी जमा करा दिया जाएगा।

कोर्ट में सरकार ने क्या मांग रखी?

– 29 अगस्त को हुई सुनवाई पर सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि उन्होंने कई जिलों में मौजूद राम रहीम के डेरे की जांच करवाई है। 
– सिरसा हेडक्वार्टर में ट्रांस्पैरेंसी को लेकर सवाल ना उठे इसलिए यहां के 2 डेरों की जांच ज्यूडिशियल अफसर की निगरानी में करवाई जाए। 
– जस्टिस सूर्यकांत की खंडपीठ ने इसे चीफ जस्टिस को रेफर करते हुए कहा कि इस पर फुल बेंच ही सुनवाई करेगी।
– इस मामले में जस्टिस एसएस सारों, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अवनीश झिंगन की फुल बेंच सुनवाई कर रही थी, लेकिन 3 सितंबर को जस्टिस सारों के रिटायर हुए हैं। इसके बाद इस मामले की सुनवाई के लिए फिर से फुल बेंच गठित होगी।

किस मामले में सुनाई गई राम रहीम को सजा?

– 2002 में एक साध्वी ने गुमनाम चिट्ठी लिखी। इसमें बताया गया था कि कैसे डेरा सच्चा सौदा के अंदर लड़कियों का सेक्शुअल हैरेसमेंट होता था।
– यह चिट्ठी पंजाब और हरियाणा कोर्ट को भी भेजी गई थी। इसके बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण का केस शुरू हुआ। सीबीआई ने जांच शुरू की।
– 15 साल बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिया।
– माना जाता है कि ये चिट्ठी राम रहीम के 20 साल ड्राइवर रहे रणजीत सिंह की बहन ने लिखी थी। बाद में रणजीत का मर्डर हो गया था। इसका शक भी बाबा समर्थकों पर जताया गया। यह केस भी पंचकुला की सीबीआई अदालत में चल रहा है।

किस तरह सुनाई गई डेराचीफ को सजा?

– 28 अगस्त को सीबीआई को राम रहीम को सजा सुनानी थी। सुनारिया जेल की लाइब्रेरी में कोर्ट रूम बनाया गया। यहां करीब 1 घंटे कार्यवाही चली। 
– कोर्ट रूम के लिए सुनारिया जेल को इसलिए चुना गया क्योंकि यह जेल रोहतक शहर से बाहर है। रोहतक में डेरा सच्चा सौदा के सिर्फ 12 हजार फॉलोअर्स हैं। 
– इस जेल में इससे पहले भी 4682 बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हो चुकी है। अगर यहां हालात बिगड़ते तो आर्मी सिर्फ एक घंटे की दूरी पर थी।

कोर्ट रूम में हाथ जोड़कर खड़ा था राम रहीम

– 28 अगस्त को दोपहर 2.20 बजे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज जगदीप लोहान ने सुनवाई शुरू की। राम रहीम हाथ जोड़कर खड़ा हो गया। 
– सीबीआई और डेरा प्रमुख के वकीलों को सजा के बारे में अपनी दलीलें रखने के लिए जज जगदीप सिंह ने वक्त दिया।
– राम रहीम के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (रेप), 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़) और 506 (डराने-धमकाने) के तहत केस था। 
– सीबीआई के स्पेशल प्रॉसिक्यूटर ने कहा कि दोषी उन लड़कियों का यौन शोषण करता रहा, जो उन्हें पिता मानती थीं और भगवान की तरह उन्हें पूजती थीं। दोषी ने उन महिलाओं के भरोसे को तोड़ा और उन्हें फिजिकली और साइकोलॉजिकली एक्स्प्लॉइट किया। यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस है जिसका सोसायटी पर बड़ा असर पड़ता है। लिहाजा बाबा को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।

जज ने सजा सुनाते वक्त क्या कहा?

– 28 अगस्त को जज ने दोनों केस में राम रहीम को 10-10 साल की सजा सुनाई। 15-15 लाख रुपए का जुर्माना दो रेप केस के लिए लगाया। 14-14 लाख रुपए दोनों रेप विक्टिम साध्वियों को देने को कहा।”
– अपने फैसले में जज जगदीप सिंह लोहान ने कहा, ”केस से जुड़े तमाम तथ्यों और हालात के मद्देनजर इस कोर्ट का यह मानना है कि अगर यह दोषी अपनी ही महिला अनुयायियों का सेक्शुअल हैरेसमेंट करने और उन्हें धमकाने में शामिल रहा है तो ऐसा शख्स कोर्ट की किसी भी हमदर्दी का हकदार नहीं है।”
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