राजनाथ सिंह ने कहा- एनजीओ नॉन गवर्मेंट आर्गनाइजेशन, नॉन गवर्मेंट एसेट होती हैं

लखनऊ, 18 मार्च 2018। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि स्वयं सेवी संस्थायें यानि एनजीओ, ‘‘नाॅन गवर्मेंट आर्गेनाइजेषन’’ बल्कि ‘‘नाॅन गवर्मेंन्टल एसेट’’ होती हैं। उन्हांेने कहा कि कोई भी सरकार, संयुक्त राष्ट्र द्वारा तय किए गए लक्ष्य को साल 2030 तक बिना सिविल सोसाइटीज के सहयोग के पूरा नहीं कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिविल सोसाइटीज या एनजीओ का काम सेवा भाव का होता है और यह सिर्फ बड़े मन से ही किया जा सकता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री सिंह रविवार को यहां डा. विष्वेसरैया हाॅल में ‘‘नेषनल अलायंस फाॅर स्वच्छ भारत एवं सहयोगी संस्थाएं, उप्र’’ (एनएएसबी) द्वारा ‘‘विकास के स्थायित्व में स्वयं सेवी संस्थाओं की भागीदारी’’ विषय पर आयोजित बहु-हितभागी चर्चा एवं विचार गोष्ठी के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। श्री सिंह ने कहा कि सिविल सोसाइटीज सोच और मानसिकता बदलने का काम कर सकती हैं। स्वास्थ्य, षिक्षा, स्वच्छता या फिर और कोई भी क्षेत्र हो सिविल सोसाइटीज की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 02 अक्टूबर 2019 तक पूरे देष को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार और सरकारी तंत्र कई बार आंकड़ों में उलझ जाता है। लेकिन सिविल सोसाइटीज के सहयोग से यह लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनता की भागीदारी के बिना चाहे गंगा की सफाई हो या फिर किसी और नदी की, संभव नहीं है। वहीं इस दिषा में सिविल सोसाइटीज जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

श्री सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने विभिन्न विषयों को लेकर 2030 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे हासिल करना चुनौती है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार यह काम अकेले नहीं कर सकती है। इसके लिए सिविल सोसाइटीज का सहयोग जरूरी है। उन्होंने इस बात की भी हिमायत की कि राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता को सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देष तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में भारत की अर्थ व्यवस्था विष्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थ व्यवस्था बन गयी है। जीडीपी ग्रोथ रेट में भी हम आगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि एचडीआई और जीडीपी के बीच की खाई को कैसे पाटा जाये। उन्होंने कहा कि यह काम भी सिविल सोसाइटीज कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत का विकसित भारत बना सकते हैं, सिर्फ संकल्प लेने की आवष्यकता है।

इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विषिष्ट अतिथि प्रदेष के कानून मंत्री बृजेष पाठक, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. महेन्द्र सिंह, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री कमलेष्वर, आकांक्षा समिति की अध्यक्ष प्रीति कुमार, लखनऊ विष्वविद्यालय के कुलपति डा. एसपी सिंह ने दीप प्रज्जवलित किया। कार्यक्रम की विषेषता यह रही कि अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ से नहीं बल्कि फलों की टोकरी से किया गया। एनएएसबी के राष्ट्रीय संयोजक डा. संदीप शाही ने कार्यक्रम में पधारे करीब 450 स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर से मुख्य अतिथि श्री सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने वालों श्रीमती नंदिनी मिश्रा, विनय राय, योगेष कुमार, राम कुमार सिंह, षिवपाल सिंह आदि को मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह ने प्रषस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विभूति मिश्र, योगी स्वरूप, संतोष सिकरवार, शत्रुध्न सिंह, राजेष श्रीवास्तव, अंजनी कुमार श्रीवास्तव, डा. भानू, प्रमोद गोस्वामी आदि मौजूद थे। इस मौके पर राजधानी के निवासी और रोबोटिक साइंस में नित नये प्रयोग करने वाले मिलिंद राज ने ‘फ्लाईंग रोबोट’ का प्रदर्षन किया, जिसे केन्द्रीय गृह मंत्री ने रिमोट दबाकर उड़ाया।

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