राजस्थान: दलित छात्र की मौत मामले में 24 घंटे के लिए इंटरनेट पर लगाई गई पाबंदी

जालौर में दलित छात्र की मौत के बाद शांति व्यवस्था के मद्देनजर 24 घंटे के लिए इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई है। इसके साथ ही सुराणा गांव में पुलिस का जाब्ता भी तैनात किया गया है। इस बीच दलित छात्र का शव सुराणा गांव पहुंचा है जिसके अंतिम संस्कार को लेकर के परिजनों और प्रशासन के बीच वार्ता चल रही है हालांकि इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ₹500000 की आर्थिक मदद पीड़ित के परिवार को करने की घोषणा की है, लेकिन परिवार के लोग सहित ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन के साथ लगातार वार्ताओं का दौर जारी है।

जालौर जिले के सुराणा गांव में दलित छात्र के अध्यापक की मटकी से पानी पीने के मामले में पिटाई के बाद मौत होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक निजी विद्यालय के अध्यापक ने दलित जाति के बालक के अध्यापकों की मटकी से पानी पीने के बाद बालक की पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतक के चाचा की ओर से पुलिस में एससी एसटी और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

इधर रविवार को दलित छात्र का शव सुराणा गांव पहुंचा, जहां पहले से बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन सहित मेघवाल समाज के लोग जुटे थे। इस घटना को लेकर विरोध जारी है और लोग अंतिम संस्कार का विरोध कर रहे हैं। एडीएम राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल और एसएसपी अनुकृति उज्जैनिया भी मौके पर मौजूद हैं। ग्रामीण और परिजनों को लगातार समझाया जा रहा है, लेकिन शव के दाह संस्कार को लेकर गतिरोध बरकरार है। इधर इस घटना के सामने आने के बाद लगातार राजनीतिक हलकों में इसको लेकर बयानबाजी तेज हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं तो इधर दलित संगठनों ने भी स्वर मुखर किया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है

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