अव्यवस्थाओं की मंडी में किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

मौसम के करवट लेने से शनिवार को एक घंटे तक 18 मिमी बारिश हुई। इससे मंडी परिसर में खुले में पड़ी गेहूं और सरसों की ढेरियां और बैग भीग गए। सूत्रों के मुताबिक 70,000 क्विंटल से ज्यादा सरसों और गेहूं भीगने का अनुमान है। अब सूखने के बाद भी इनका उठान हो पाएगा। बारिश में सरसों और गेहूं भीगने से उठान से भुगतान तक की प्रक्रिया प्रभावित होगी। बारिश के बाद डीसी मनदीप कौर ने हैफेड के अधिकारियों को तलब किया है।

जिले में सरसों और गेहूं की आवक जोरों पर है। जिले में 5,25,000 क्विंटल सरसों की आवक और 3,53,000 क्विंटल सरसों की खरीद हुई। इसमें से करीब 1,50,000 क्विंटल सरसों का उठान हुआ है। दादरी मंडी में करीब 3,33,000 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है जिसमें से 2,30,000 क्विंटल की खरीद हुई है जबकि शनिवार दोपहर तक 90,000 क्विंटल का उठान हो चुका है। दादरी मंडी में फिलहाल 1,40,000 क्विंटल सरसों पड़ी थी जिसमें से करीब 50,000 क्विंटल से ज्यादा सरसों भीगने का अनुमान है। इसी प्रकार मंडी में करीब 50,000 क्विंटल गेहूं की आवक हुई और इसमें से करीब 20,000 क्विंटल गेहूं भीगने की आशंका है।
शनिवार को हुई बारिश से टिन शेड के नीचे रखे गेहूं और सरसों के बैग तो बच गए, लेकिन खुले में लगी सरसों और गेहूं की ढेरियां भीग गईं। इससे फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। गीली हुई सरसों की ढेरियों को अब सुखाया जाएगा और उसके बाद ही बारदाना में भरकर उठान करवाया जाएगा। गोदाम में सरसों पहुंचने के बाद ही भुगतान हो सकेगा।

– बारिश के बावजूद तिरपाल से नहीं ढके गए अनाज
कई ढेरियां ऐसी थीं जिन पर तिरपाल तक नहीं था। मंडी में बारिश से गेहूं और सरसों की 30 से अधिक ढेरियों समेत हजारों बैग भीग गए। बारिश के मद्देनजर मार्केट कमेटी की ओर से सभी आढ़तियों को संसाधनों की व्यवस्था करने की हिदायत जारी की गई थी, लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ। परिणामस्वरूप किसानों का अनाज मंडी में बेकद्री से भीग गया।

– दूसरे दिन भी बंद रही खरीद, फिर भी नहीं हो पाया उठान
दादरी मंडी में शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी सरसों की खरीद बंद रही। इस दौरान करीब 14,000 क्विंटल सरसों का उठान किया गया। बावजूद इसके अभी मंडी खाली नहीं हो पाई।

– सरसों खरीद और उठान की ये है स्थिति

खरीद केंद्र- खरीदी गई सरसों- उठान हुआ- मंडी में शेष

दादरी-2,30,841- 90,000- 1,40,000

बाढड़ा-85,400-38,900-46,500

झोझूकलां-36,898-16,625-20,273

बारिश के मद्देनजर पहले ही हिदायतें जारी कर दी गई थी। इसके बावजूद लापरवाही के कारण सरसों और गेहूं की ढेरियां भीगी हैं। संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। – उमेश डांगी, सचिव, मार्केट कमेटी।

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