पंजाब पुलिस की वर्दी तैयार करेंगी संगरूर के सेल्फ हेल्प ग्रुप की 100 महिलाएं

अब पंजाब पुलिस के जवानों की वर्दी संगरूर के गांव अकालगढ़ की सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) की 100 महिलाएं तैयार करेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिल्लौर में हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद यह घोषणा की। सीएम ने कहा पंजाब सरकार की ‘पहल’ कार्यक्रम के तहत यह फैसला लिया गया है।

पंजाब पुलिस के हर जवान की वर्दी तैयार करने के लिए एक वर्दी के लिए 1103 रुपये इन महिलाओं को दिए जाएंगे। इससे गांवों में महिलाओं को रोजगार के साथ पुलिस के जवानों को समय पर अच्छी वर्दी पहनने को मिलेगी।

संगरूर की इन 100 महिलाओं से पंजाब सरकार ने हाल ही में प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की स्कूली वर्दी तैयार कराई थी। इसके बाद संगरूर की डिप्टी कमिश्नर की मदद से 100 महिलाओं के इस सेल्फ हेल्प ग्रुप को प्रदेश के 25 प्राइवेट स्कूलों के बच्चों की वर्दी तैयार करने का अवसर मिला है। इसी कड़ी में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह फैसला किया है।

सीएम ने कहा कि पहल के तहत शुरू हुए इस सेल्फ हेल्प ग्रुप ने सात से आठ महीने में ही अपने प्रयासों से डेढ़ करोड़ रुपये की कमाई की है। यानी इस ग्रुप की प्रत्येक महिला ने अपनी जीविका के साधन के तौर पर कम से कम डेढ़ लाख रुपये की कमाई की है। सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार ने जब पहल कार्यक्रम के तहत इस ग्रुप की शुरुआत की थी, तब बस इन महिलाओं को संगरूर में एक वेयरहाउस में जगह उपलब्ध कराई थी, इसके साथ इन 100 महिलाओं को सिलाई मशीनें दी थी। यह महिलाएं आज अपने घर में और वेयरहाउस में बैठकर कामकाज कर कमाई कर रही हैं।

मैंने पंजाब पुलिस की वर्दी बहुत बार पहनी है, जुगनू में: सीएम मान
सीएम ने कहा मैंने पंजाब पुलिस की वर्दी बहुत बार पहनी है, जब मैं कलाकार हुआ करता था, जुगनू कार्यक्रम में। अभी तक पंजाब पुलिस के 99 प्रतिशत जवान खुद ही वर्दी सिलवाते थे। पिछली सरकारों में जिस प्रकार जवानों को वर्दी के लिए कपड़ा दिया जाता था, वह छूने लायक तक नहीं होता था। इसी कारण जवान खुद अपने पैसों से वर्दी सिलवाते थे। अब पंजाब सरकार ने पुलिस के जवानों के लिए नई शुरुआत की है क्योंकि पुलिस के जवान दिन-रात, गर्मी और ठंड में आम जनता की हमेशा सुरक्षा करते है, ऐसे में यह हमारा दायित्व है कि उनकी वर्दी कम से कम अच्छी गुणवत्ता की हो।

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