पंजाब: छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोपी प्रोफेसर एनआईटी से बर्खास्त

जालंधर के डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर को छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मामले में प्राथमिक स्तर पर दोषी पाया गया है, जिसके बाद उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।

हालांकि तीन दिन पहले प्रबंधक कह रहे थे कि ऐसा कोई मामला संस्थान में नहीं हुआ है। यहां तक कि पुलिस अधिकारी भी साफ कर रहे थे कि ऐसी घटना नहीं घटी है।

सोमवार को एनआईटी के डायरेक्टर विनोद कुमार कननौजिया ने कहा कि संस्थान के महिला विभाग में एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जिसकी जांच आंतरिक महिला उत्पीड़न कमेटी ने जांच की। सारी जांच होने के बाद उनकी रिपोर्ट के आधार पर हमने बोर्ड ऑफ गवर्नेंस को कार्रवाई के लिए रेकमेंडेशन दी थी। बोर्ड ऑफ गवर्नेंस मिनिस्ट्री के अधिकारी भी साथ बैठते हैं। सभी तथ्यों की गहराई से जांच की गई और फिर एक्शन लिया गया है।

डायरेक्टर विनोद कुमार कनोजिया ने कहा- शिकायत करने वाली लड़की ने शिकायत करीब 15 दिन पहले संस्थान के वुमेन सेल को दी थी। शिकायत मिलने के बाद कमेटी गठित करने और जांच करने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए सारी प्रक्रिया को इतना समय लगा। हमने दोनों पक्षों के बयान सुने, लड़की से सभी तथ्य लिए। सभी तथ्यों की जांच के बाद उक्त कार्रवाई की गई। शिकायत दो छात्राओं द्वारा की गई थी। दोनों छात्राएं एमबीए की थी, आरोपी प्रोफेसर भी एमबीए का ही है। शिकायत मिलने के बाद हमने अब उक्त प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया है।

छात्रा के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर के वक्त प्रोफेसर ने उससे दुष्कर्म करने की कोशिश की और उसे कहा कि वह पेपर में पास करवा देगा। प्रोफेसर की नीयत देखकर उसने तुरंत अपने साथी छात्राओं को इकट्ठा कर लिया। मामले की जानकारी तुरंत संस्थान को दी गई।

Back to top button