पंजाब : आबकारी नीति में लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों की बदलाव की मांग

पंजाब की ” आम आदमी सरकार ” यदि शराब कारोबार को बर्बाद होने से बचाना चाहती है, तो वर्ष 2024-25 की पॉलिसी में लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों के हितों को देखते हुए पॉलिसी बनाए। वहीं पंजाब केसरी प्रतिनिधि द्वारा लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों से सुझाव लिए गए, तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर सरकार को अख़बार के जरिए अपनी मांगे और मौजूदा एक्साइज पॉलिसी में आ रही दिक्क्तों को रखा। जिन समस्यो को भविष्य में आने वाली एक्साइज पॉलिसी में न दोहराने की भी मांग रखी है।
मौजूदा पॉलिसी शराब ठेकेदारों के लिए ख़ास फयदेमंद नहीं रही
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2023-24 की एक्साइज पॉलिसी भी ठेकेदारों को खास पसंद नहीं आई थी, जिसके परिणाम स्वरूप कई ठेकेदारों ने बैक फुट किया था और कारोबार का हिस्सा नहीं बने थे और विभागीय अधिकारियों को ग्रुप बेचने के लिए बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा था। वहीं इस वर्ष भी यदि पॉलिसी अच्छी न हुई तो विभाग को ग्रुप बेचने के लिए फिर मशक्कत करनी पड़ सकती है।
कई ठेकेदारों को अपनी इन्वेस्ट किए हुए पैसे रिकवर करने में भी परेशानी आ रही है, कई ग्रुप घाटे में
बता दिया जाए, कि वर्ष की पॉलिसी आने पर कई ठेकेदारों ने अनुमान लगाया था कि पॉलिसी ठेकेदारों को नुकसान पहुंचने वाली है और किसी हद तक क़यास सही भी निकला है। क्योंकि सुनने में आ रहा है, कि कई शराब के ग्रुप घाटे में चल रहे है और ग्रुप एट-पार तक भी मुश्किल पहुंच पा रहे है। यहीं कारण है, कि जब पंजाब केसरी प्रतिनिधि ने ठेकेदारों का रिव्यू लिया, तो उनका कहना है, कि ठेके घाटे में चल रहे है। जिसमें हो सकता है, कि इन्वेस्ट की हुई कैपिटल की भी रिकवरी न हो पाए।
एल -1 वापिस रिटेल ठेकेदारों को दिए जाए, सरकार एल -1 में पक्षपात वाली निति बंद करें
ये कहा तक जायज़ है, कि भ्र्ष्टाचार मुक्त का दावा करने वाली आप सरकार ने शराब कारोबार सारा व्यापार इकट्ठा कर सुपर एल -1 वालों की झोली में डाल दिया है। जिसके कारण पंजाब में मोनोपोली मार्किट बन गई है और शराब कारोबार बर्बाद हो गया।
लाइसेंस फीस थोड़ी कम कर, ड्यूटी में थोड़ा इजाफ़ा कर ठेकेदारों को राहत दे सरकार
ठेकेदारों की मांग है, कि लाइसेंस फीस को थोड़सा कम करके, उसकी बजाए एल -1 में ड्यूटी के तौर पर जोड़ी जाए। छोटे ब्रांड में 2000 से लेकर बड़े ब्रांड में 4000 तक की ड्यूटी लगाई जाए। जिससे पंजाब से बाहर जाने वाली शराब की तस्करी पर रोक लगेगी। वही इसके साथ ठेकेदारों में आपस में शराब के दामों को लेकर हो रहा कम्पटीशन से भी निजात मिलेगी। इसके साथ शराब के मिनिमम प्राइस और मैक्सिमम प्राइस पॉलिसी में पहले ही घोषित किए जाए।





