प्रयागराज: पुलिस ने जारी किया उपद्रवियों का पोस्टर

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव को लेकर बड़ी खबर है. प्रयागराज पुलिस ने बवाल करने वाले उपद्रवियों का पोस्टर जारी कर दिया है. एसएसपी अजय कुमार के निर्देश पर शहर में जगह-जगह यह पोस्टर लगाए जाएंगे, ताकि उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी हो सके. एसएसपी के मुताबिक गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट से वारंट लेकर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी.
एसएसपी अजय कुमार ने साथ ही कहा कि वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और नामजदगी के आधार पर 40 और आरोपियों की पहचान की गई है. इन आरोपियों के पोस्टर भी तैयार कर लिए गए हैं और जल्द ही इनके पोस्टर सार्वजनिक कर दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर ये आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं या फिर पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाती है तो इनके खिलाफ पुलिस अदालत से एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कराकर कुर्की की कार्रवाई भी अमल में लाएगी.
जुमे को लेकर पुलिस अलर्ट
एसएसपी के मुताबिक, इस बवाल के सिलसिले में तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें 80 से ज्यादा नामजद और 5000 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इसमें से अब तक 92 लोग गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए हैं.
अजय कुमार ने इसके साथ ही बताया कि आने वाले जुमे को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. इलाके में अतिरिक्त पुलिस की तैनाती की गई है और लोगों को भी समझाने बुझाने का क्रम जारी है. उन्होंने कहा कि किसी बेकसूर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी, लेकिन किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की कतई इजाजत नहीं दी जाएगी.
वहीं प्रयागराज हिंसा के पॉलिटिकल कनेक्शन को लेकर एसएसपी अजय कुमार ने कहा किसी राजनीतिक दल के खिलाफ पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करेगी, लेकिन राजनीतिक दलों से जुड़े जिन व्यक्तियों नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस हिंसा के मुख्य अभियुक्त जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के घर से मिले दो असलहे, कारतूस और चाकू के साथ आपत्तिजनक पर्चे को लेकर भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. इस मामले में करेली थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है. जांच में पुलिस ने इसको शामिल किया है.





