प्रशांत किशोर ने शिक्षक भर्ती पर सीएम नीतीश कुमार की दूरदर्शिता पर उठाया सवाल, मांगे कई जवाब

राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पांच सवालों के जवाब मांगे हैं। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा के बहाने उन्होंने जो सवाल उठाए हैं, उसका जवाब कौन देंगे- यह वक्त बताएगा। फिलहाल वह सवाल जानना चाहिए।

बिहार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री नीतीश कुमार से राजनीतिक रणनीतिकार ने पांच सवाल पूछे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के राज में पहले हमलोगों को अनपढ़ बना दिया गया और अब दूसरे राज्यों से शिक्षक हमारे बच्चों को आकर पढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का आलम यह है कि जिस राज्य में पूरी दुनिया से आकर लोग ज्ञान प्राप्त करते थे, उसके बच्चे गुजरात-यूपी में जाकर बोरा ढो रहे, ठेला चला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पीके के पांच सवाल

देश-दुनिया के लोग बिहार आते थे पढ़ने के लिए, हम क्यों इस स्थिति में कि हमें दूसरे राज्यों से शिक्षक बुलाने पड़े?
प्रशांत किशोर ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा की बिहार के शिक्षा बर्बाद हो गई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि ये वो राज्य है, जहां पूरी दुनिया से लोग यहां पढ़ने आते थे। वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज में दूसरे राज्य के लड़के शिक्षक बनकर पढ़ाने आएंगे।
1.25 लाख नियुक्ति पत्र का दावा कर रही है सरकार। इसमें पहले से बतौर शिक्षक कितने नौकरी कर रहे थे?

प्रशांत किशोर ने कहा कि 1.25 लाख नियुक्ति का दावा कर रही बिहार सरकार ने कई ऐसे लोगों को नियुक्ति पत्र दिया, जो पहले से ही नौकरी में थे।
सर्विस कंडीशन बदले जाने को नई नौकरी देने का दावा क्यों किया जा रहा है? राज्यकर्मी बनाना नौकरी देना कैसे?

जिन नियोजित शिक्षकों ने बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा पास किया, अब उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिया जा रहा है। बिहार सरकार सर्विस कंडीशन बदल रही है।
1.25 लाख में कितने शिक्षक बाहर से आए हैं पढ़ाने के लिए? दूसरे राज्यों के शिक्षकों की वास्तवित संख्या?

प्रशांत किशोर ने कहा बिहार सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि 1.25 लाख में कितने ऐसे जो पहले से नियोजित शिक्षक के रूप में काम कर रहे थे? कितने नए लोगों को और कितने बिहार के बाहर के राज्य के लोगों को नौकरी मिली?,
हमारे करोड़ों बच्चे बाहर जाकर बोरा ढो रहे हैं और हम दूसरे राज्यों के लोगों को यहां नौकरी क्यों दे रहे हैं?

बिहार के बच्चे दूसरे राज्यों में जाकर बोरा उठाएंगे और बाहर के बच्चे बिहार में आकर यहां के बच्चो को पढ़ाएंगे। यूपी, मध्य प्रदेश और गुजरात जाकर बिहार के बच्चे मजदूरी करने को मजबूर हैं। लेकिन बिहार की सरकार ने डोमिसाइल नीति को खत्म कर दूसरे राज्यों के बच्चों को नौकरी बांट रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार की शिक्षा को बर्बाद कर दिया है।

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