अभी अभी: बोले पीएम: भारत दुनिया की सबसे तेजी…!

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत को दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था बताया है। BRICS में बिजनेस काउंसिल को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने बिजनेस को आसान करने के लिए कदम उठाए हैं। मोदी ने कहा कि हम मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। पीएम ने अपने भाषण में सबका साथ-सबका विकास की बात की।
भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था : मोदी
मोदी ने कहा कि हम लोगों को एक साथ काम करने की जरूरत है, हमारे देश ने डिजिटल क्षेत्र में काफी काम किया है। मोदी ने बताया कि भारत अफ्रीका के साथ मिलकर कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
ब्रिक्स सम्मलेन: भारत की हुई बड़ी जीत, आतंकवाद के मुद्दे पर खूब गरजे पीएम मोदी!
पीएम ने कहा कि भारत एक तेजी से बढ़ता हुआ देश है। पीएम ने अपने भाषण में एक बार आतंकवाद का जिक्र किया, मोदी ने कहा कि हम सभी को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ना होगा। मोदी ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए मिलकर हमें नए कदम उठाने होंगे। हमारे लिए आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से लड़ने को तैयार होना होगा।
भारत की मिली बड़ी कामयाबी: ब्रिक्स ने पहली बार लश्कर और जैश का लिया नाम
मोदी ने क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर कहा कि अगर हमें हरी-भरी दुनिया का निर्माण करना है, तो सभी को एक साथ काम करना होगा।
पीएम मोदी, शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर पहुंचे। पीएम मोदी इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर पहुंचे, सभी देशों के नेता यहां पर ब्रिक्स समिट के लिए औपचारिक फोटोशूट करवाएंगे।
चीन के श्यामन में चल रहे ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर-शोर से आतंकवाद का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी के इस दबाव का असर भी दिखा। ब्रिक्स श्यामन 2017 के घोषणापत्र में आतंकवाद का जिक्र किया गया है। इस घोषणापत्र में लश्कर-ए-तयैबा, जैश-ए-मोहम्मद समेत कुल 10 आतंकी संगठनों का जिक्र है।
क्या कहा गया है घोषणापत्र में ?
ब्रिक्स समिट में भारत ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। ब्रिक्स श्यामन घोषणापत्र के 48वें पैराग्राफ में आतंकवाद पर कड़ी चिंता व्यक्त की गई है। इसमें लिखा गया है कि हम लोग आस-पास के इलाके में फैल रहे आतंकवाद और सुरक्षा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हैं।
घोषणापत्र में कहा गया है कि हम लोग दुनिया भर में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की। इसमें कहा गया है कि आतंकवाद को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है। घोषणापत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी ब्रिक्स देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे।





