PM मोदी के मंत्री के पैतृक गांव में दलितों के खिलाफ शर्मनाक फरमान, लोगों में तनाव


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दलितों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की तो वह धरना प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन के आला अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
जब उन पर पंडित के आदेश का पालन करने के लिए दबाव डाला गया तो उन्होंने सदर थाने में लिखित शिकायत कर दी। दलित समाज के लोगों ने पुलिस से गुहार लगाई कि जात-पांत का जहर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लिखित शिकायत मिलने के बाद सदर थाना प्रभारी रमेश कुमार मंदिर पहुंचे और गांव के लोगों से बात की।
दलित समाज के लोगों ने कहा कि उन्होंने मंदिर और हवन के लिए बांच (चंदा) दिया है। इसके अलावा दूसरे कार्यों में भी सहयोग दिया है। हवन गांव में भाईचारा बनाए रखने और सुख समृद्धि के लिए कराया जा रहा है। मंदिर और हवन से दूर रखना उनके अधिकारों का हनन है। प्रशासन को मामले की तह तक जाकर फरमान सुनाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
दलितों ने कहा, समझौता नहीं हुआ
दलित समाज का आरोप है कि पुलिस प्रशासन समझौते के लिए दबाव डाल रहा है। लेकिन उन्होंने कोई समझौता नहीं किया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने कई लोगों को थाने में बुलाकर समझौता लिखवा लिया है। जबकि गांव के सरपंच का कहना है कि वह भाईचारे के साथ विकास करवाना चाहते हैं।
जातीय जहर घोलने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दलित समाज के लोगों का कहना है कि यदि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करेंगे और पुलिस के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाएंगे।
दोनों पक्षों ने लिखकर समझौता कर लिया है। समझौते में लिखा गया है कि गांव में इस प्रकार का कोई मामला नहीं है। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं बनती है। हवन में सिर्फ तपस्वी संत प्रवेश करेंगे। इसके अलावा एक भी ग्रामीण हवन के पास नहीं जाएगा।
– रमेश कुमार, सदर थाना प्रभारी नरवाना





