PF Interest Calculation: पीएफ खाते में पड़े हैं ₹2 लाख तो सरकार कितना देगी ब्याज

इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। अगर आप किसी कंपनी में काम करते हैं और आपका पीएफ कटता है तो अब उसी जमा पैसों पर आपको ब्याज भी दिया जाएगा।
हर साल पीएफ अकाउंट में जमा पैसों पर ब्याज मिलता है। अगर आपके पीएफ खाते में लाखों रुपये है तो आपको अच्छा खासा ब्याज मिलेगा।
चालू वित्त वर्ष के लिए पीएफ के पैसों पर कितना मिलेगा ब्याज?
चालू वित्त वर्ष के लिए EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने इंटरेस्ट रेट 8.25% की घोषणा की। पिछले वित्त वर्ष भी ब्याज दर इतना ही था। यानी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। अब इस पर अंतिम मुहर वित्त मंत्रालय की लगाएगा। इसके बाद आपके पीएफ खाते में ब्याज दर का पैसा आना शुरू होगा।
पीएफ के पैसों पर किस तरह से मिलता है ब्याज?
वैसे पीएफ पर मिलने वाली ब्याज का पैसा मासिक आधार पर दिया जाता है। आपके पीएफ खाते में मासिक आधार पर जितने रुपये क्रेडिट होते हैं और फिर पिछला पैसा कितना है, कुल जोड़कर मासिक आधार पर ब्याज कैलकुलेट करके एकमुश्त ब्याज दी जाती है। यानी इस पर कंपाउंडिंग काम करती है। ऐसे में उस हिसाब से ब्याज का पैसा अधिक बनेगा।
ब्याज वित्त वर्ष के हिसाब से दी जाती है। यानी इस बार आपके पीएफ पैसों पर जो ब्याज मिलेगी वह 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक का मिलेगा। हर महीने की ब्याज कैलकुलेट करके सरकार आपके खाते में एकमुश्त क्रेडिट करती है।
पीएफ के पैसों पर मिलने वाली ब्याज का कैलकुलेशन समझें?
PF ब्याज निकालने का फार्मूला; (मंथली क्लोजिंग बैलेंस * एनुअल इंटरेस्ट रेट)/12
अब मान लीजिए आपके पहले महीने का क्लोजिंग बैलेंस- 2 लाख रुपये है तो उस हिसाब से मासिक इंटरेस्ट होगा- (200000 * 8.25%)/12
अब यहां पर परसेंट हटाने के लिए 100 से डिवाइड करना होगा तो यह इस तरह हो जाएगा- (1650000/100)/12
=16500/12
= 1375
यानी अगर आपका अप्रैल महीने में क्लोजिंग बैलेंस 2 लाख रुपये रहा होगा तो आपको उस महीने 1375 रुपये का ब्याज मिलेगा। अब यह पैसा मई वाले में जुड़ेगा और मई का जो क्लोजिंग बैलेंस होगा उस आधार पर ब्याज काउंट होगा।
इसी तरह 12 महीने की ब्याज निकालकर आपके खाते में एकमुश्त पैसा भेज दिया जाएगा। इसी तरह से ब्याज का कैलकुलेशन किया जाता है।





