दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम शुल्क की किस्तों के साथ करना होगा जीएसटी का भुगतान

दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम शुल्क के भुगतान के साथ-साथ जीएसटी का भी भुगतान करना होगा। एक अधिकारी ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को प्रत्येक किस्त के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करना होगा। दूरसंचार विभाग (डीओटी) मोबाइल फोन सेवाओं के लिए आठ स्पेक्ट्रम बैंड के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी का अगला दौर छह जून को आयोजित करेगा।
नीलामी के लिए आधार मूल्य 96,317 करोड़ रुपये तय किया गया है। स्पेक्ट्रम 20 साल के लिए आवंटित किया जाएगा और सफल बोलीदाताओं को आगामी ‘मेगा’ नीलामी में 20 समान वार्षिक किस्तों में भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी।
जीएसटी परिषद स्पष्ट करेगी भुगतान की प्रक्रिया
अधिकारी ने कहा, ‘जीएसटी परिषद अपनी अगली बैठक में स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान बोली जीतने वाली कंपनियों द्वारा जीएसटी भुगतान की प्रक्रिया को स्पष्ट कर सकती है।’ स्पष्टीकरण से नीलामी प्रक्रिया में जीएसटी संग्रह की विधि के संबंध में क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच भ्रम समाप्त हो जाएगा।
लेखा और परामर्श कंपनी मूर सिंघी के कार्यकारी निदेशक रजत मोहन ने कहा कि जीएसटी कानून के तहत स्पेक्ट्रम भुगतान अन्य प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल के अधिकार के लिए लाइसेंसिंग सेवाओं के अंतर्गत आता है, जिसपर 18 प्रतिशत कर लगाया जाता है। मोहन ने कहा, ‘स्पेक्ट्रम शुल्क एक निश्चित अवधि में चरणबद्ध तरीके से अदा करना होता है। इस प्रकार कर भुगतान भी अलग-अलग होगा। निदेशक मंडल को इस संबंध में एक स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए ताकि इस संबंध में किसी भी मुकदमेबाजी से बचा जा सके।’





