PAK का आतंकियों से गठजोड़ फिर बेनकाब

आतंकवादियों का गढ़ पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है। हाल ही में फैसलाबाद के अंदर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का सहयोगी लश्कर-ए-तैयबा का मोस्ट वॉन्टेड आंतकी हाफिज सईद के बेटे से हाथ मिलाता हुआ दिखा। इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
इससे एक बार फिर पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के बीच गहरे गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है। शरीफ के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह की फैसलाबाद में एक शादी के दौरान तल्हा सईद के साथ तस्वीर सामने आई है। तल्हा सईद 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है।
मंच पर खुल्लमखुल्ला हो रही बातचीत
हालांकि, इन दोनों की मुलाकात किस तरीख को हुई, इसका पता नहीं लग पाया है लेकिन उस हाई-प्रोफाइल सामाजिक कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जिनमें सनाउल्लाह और तलहा सईद मंच पर खुले तौर पर बातचीत करते और हाथ मिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हाफिज सईद भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों में से एक है और 2008 के मुंबई हमले से लेकर पुलवामा बम धमाके तक की जांचों में उसका नाम शामिल है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसके खिलाफ कई मामले दर्ज किए हैं, जिनमें उसे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ा गया है।
अमेरिकी रिपोर्ट में भी खुली पाकिस्तान की पोल
यह घटना अमेरिकी रिपोर्ट के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें पाकिस्तान में सक्रिय 15 आतंकी संगठनों का जिक्र किया गया था। इनमें से कई भारत को निशाना बनाते हैं और जो इस दक्षिण एशियाई देश से जुड़ी लगातार बनी वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करती है।
कांग्रेस रिसर्च सर्विस की हालिया रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्षों तक चले सैन्य अभियानों और नीतिगत उपायों के बावजूद, आतंकी संगठन “अभी भी पाकिस्तानी जमीन पर सक्रिय हैं”।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत पर केंद्रित कई समूह पाकिस्तान में अब भी सक्रिय हैं, जिनमें 2008 के मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा और 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले से जुड़ा जैश-ए-मोहम्मद शामिल हैं। इसमें आगे यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान का इस्तेमाल इन आतंकवादी समूहों के लिए एक अड्डे और एक लक्ष्य, दोनों के तौर पर किया जा रहा है।





