खुला 1 Cr. के डील का राज, आया है IG स्तर के अफसर का नाम आतंकी को बचाने में…
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लखनऊ. यूपी के आईजी स्तर अफसर पर बब्बर खालसा के आतंकियों को छुड़ाने के लिए एक करोड़ की डील के मामला आईबी एजेंसी के इनपुट के बाद खुला। बताया जा रहा है कि 13 सितम्बर को पंजाब पुलिस ने फोन कर आईजी (STF) से 2 बब्बर खालसा के आतंकियों को अरेस्ट करने के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके बाद दो बब्बर खालसा के आतंकियों की अरेस्ट होने की खबर मीडिया में लीक होने के बाद कोई भी पुलिस अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहा था। फिलहाल खबर छपने के दो दिन बाद पूरा मामला शांत हो गया और पकड़े गए आतंकियों का कोई पता नहीं चल सका । इस मामले में अमिताभ यश ने सफाई दी है,”मेरे ऊपर लगे आरोप गलत है।” साजिश के सवाल पर उन्होंने कहा, “इस मामले में किसी चीज की साजिश नहीं हैं।” आईबी के इनपुट पर हुई पंजाब पुलिस को जानकारी
-सूत्रों की माने, पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय आईबी एजेंसी ने पंजाब पुलिस को बब्बर खालसा में यूपी के एक पुलिस अफसर के शामिल होने की जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद पंजाब पुलिस ने दो आतंकियों की बातचीत को सुना, जिसमे एक यूपी के अफसर का नाम सामने आया है। फिर पंजाब पुलिस ने पूरे मामले की शिकायत यूपी के गृह विभाग में की जिसके बाद यूपी समेत पंजाब में चर्चा का विषय हो गया।आईबी भी कर रही है मामले की जांच
-पंजाब और यूपी में बब्बर खालसा से जुड़े होने के बाद अब आईबी ने भी जांच शुरू कर दी हैं। सूत्र बताते हैं कि आतंकियों को मदद पहुंचाने की बात सामने आने के बाद आईबी एजेंसी ने आईपीएस से हुई एक करोड़ की डील पर भी नजर बनाए हुए हैं। बताया जा रहा आईबी इस पूरे मामले की अलग से जांच कर मामले की सच्चाई जानने की कोशिश करना चाहती है।इसे भी देखें:- अभी-अभी: इस्तीफा देंगे सीएम योगी और केशव प्रसाद मौर्या…!
शाहजहांपुर से मामले से शुरू हुई डीलिंग
-बताया जा रहा है कि यूपी के शाहजहांपुर में पकड़े गए नाभा जेल ब्रेक कांड के आरोपी गैंगस्टर गोपी घनश्यामपुरा को छुड़ाने के लिए एक बड़े पुलिस अधिकारी से डील हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इस बड़े अधिकारी के साथ डील पूरी हो चुकी थी। गिरफ्तार किए गए शराब कारोबारी रंधीप सिंह रिंपल, यूपी के अमनदीप सिंह और हरजिंदर सिंह काहलों ने ज्वाइंट इंटरोगेशन के दौरान जानकारी दी थी।पिंटू तिवारी पर रुपए पहुंचाने की थी जिम्मेदारी
-सूत्रों ने ये बताया पिंटू तिवारी के जरिए ये पैसे यूपी पुलिस के एक बड़े अधिकारी तक पहुंचाए जाने थे, ताकि गैंगस्टर घनशामपुरा को छुड़ाकर पंजाब लाया जा सके।-हालांकि जांच में जुटे अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, घनश्यामपुरा को छोड़ दिया गया है या नहीं। इसे लेकर पूछताछ अभी जारी है।
-कुछ दिन पहले यूपी पुलिस ने शाहजहांपुर से गोपी घनश्यामपुरा को गिरफ्तार किया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई।
-उसे छुड़ाने के लिए अमृतसर जेल में बंद गैंगस्टर बलजिंदर सिंह उर्फ ढोनी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ढोनी ने जेल से ही शराब कारोबारी रिंपल से पैसों की बात की थी।
– गोपी को छोड़ने की डील पहले एक करोड़ रुपये में हो रही थी और 45 लाख में एडवांस पहुँचा दी गई थी।
-रिंपल के बाद यह डील रूबल नाम के गैंगस्टर के जरिए उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत निवासी हरजिंदर सिंह काहलों और रुद्रपुर के अमनदीप सिंह के जरिए हो रही थी।
-अमनदीप और हरजिंदर ने रिंपल की मुलाकात कांग्रेस नेता पिंटू तिवारी से करवाई थी, जिसकी सूचना कुछ दिन पहले खुफिया एजेंसी ने पंजाब पुलिस के साथ शेयर की थी।
-इसके बाद पंजाब पुलिस ने पहले रिंपल, उसके साथी गुरप्रीत और फिर उत्तर प्रदेश से ¨पटू तिवारी, अमनदीप सिंह और हरजिंदर सिंह को पकड़ लिया था।





