मात्र 10 रुपए में चर्म रोग का रामबाण उपाय, जिंदगी में फिर ना होगा दुबारा

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त्वचा संबंधी रोगों की बात करें तो दाद, खाज, खुजली को सबसे जिद्दी बीमारी समझा जाता है। एक बार यह बीमारी हो जाने पर इससे पीछा छुड़ाना बहुत मुश्किल होता है। ये बीमारी चर्म यानी स्किन डिजीज की श्रेणी में आते हैं।

लापरवाही बरतने पर ये बीमारी अपनी पकड़ बना लेते हैं और जाने का नाम नहीं लेतें। लाख इलाज करवाने पर भी ये बीमारी आपका पीछा नहीं छोड़ती। दाद से जो काले निशान बनते हैं उन्हें हम एक्जिमा के नाम से जानते हैं। ऐसे निशान ज़्यादातर गुप्तांगों पर पाए जाते हैं। अब समस्या ये है कि पहचाना कैसे जाए व्यक्ति एक्जिमा से पीड़ित है। तो चलिए हम आपको बताते हैं इसके कुछ लक्षण।

 

एक्जिमा के लक्षण: 

  • त्वचा पर लाल दाने
  • खुजली
  • जलन
  • दाद के रूप में फैलाव
  • बुखार

यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण है तो तुरंत जाकर त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।

क्यों होती है एक्जिमा की समस्या : 

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यह समस्या ज़्यादातर केमिकल युक्त चीज़ों के इस्तेमाल से होती है। इसमें साबुन, चूना, डिटर्जेंट का अधिक उपयोग, मासिक धर्म में परेशानी, कब्ज़ और रक्त विकार आदि शामिल हैं। इसके अलावा यदि आप उन लोगों के कपड़े पहन लेते हैं जो पहले से ही किसी दाद, खाज या खुजली की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको भी यह बीमारी हो सकती है

 

कैसे करें दाद खाज खुजली से बचाव :  

  • कम से कम साबुन, शैम्पू और डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें। अधिक केमिकल युक्त चीज़ों का इस्तेमाल बंद कर दें। नहाने के लिए ग्लिसरीन सोप का इस्तेमाल करें।
  • नहाने के बाद पूरे शरीर पर नारियल का तेल लगाएं।
  • किसी भी एंटी फंगल क्रीम का इस्तेमाल डॉक्टर से सलाह लेकर ही करें। कोशिश करें की बीच में गैप न हो। गैप हो जाने पर दाद जिद्दी हो जाते हैं।
  • कपड़े पर साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने के बाद उसे अच्छी तरह से धो लें। कपड़े पर साबुन और डिटर्जेंट जमा न रहने दें। जब कपड़े अच्छे से सूख जाएं तभी उसे पहनें।
  • नमक का कम से कम इस्तेमाल करें।
  • दाद में से पीप या पानी निकलने पर उसे साफ पानी से धोएं।

 

खुजली का घरेलू नुस्खा

समुद्र के पानी से नहाना एक्जिमा के मरीज़ के लिए फायदेमंद है। इससे बचने के लिए नीम के कुछ पत्तों को उबालकर उसके पानी से नहायें। अनार के पत्तों का पेस्ट बनाकर दाद पर लगाने से भी फायदा होता है। नींबू के रस की कुछ बूंदें केले के गूदे में मिलाकर दाद वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है।

दाद में बथुआ की सब्जी फायदेमंद होती है। हो सके तो उबालकर उसका रस पीएं। सेंधा नमक को पीसी हुई गाजर में मिलाकर उसे हल्का गुनगुना कर के दाद वाली जगह पर लगाएं। कच्चे आलू का रस भी दाद, खाज और खुजली होने से बचाता है। कच्चे आलू का रस पियें। हल्दी का लेप भी दाद के लिए फायदेमंद होता है।दूध में गुलकंद मिलाकर पीने से भी दाद की समस्या नहीं होती है।दाद वाली जगह पर नीम की पत्ती और दही का पेस्ट बनाकर लगाएं।रोजाना 12 ग्राम नीम के पत्तों का रस पीने से यह समस्या नहीं होती है।

पकने वाले दाद का नुस्खा : 

त्रिफला को तवे या कढ़ाई में राख हो जाने तक गर्म करें। अब इसमें घी, फिटकरी, सरसों का तेल और पानी मिला लें। अब इस पेस्ट को दाद वाली जगह पर लगाएं। यह पके और पसीजने वाले दाद को खत्म कर देता है।

 

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