जालंधर.ईजिप्ट का प्याज शनिवार सिटी मार्केट में पहुंच गया। मकसूदां मंडी में प्याज का पहला ट्रक आया, जिसका थोक भाव 19 से 20 रुपये किलो रहा। साल 2015 की तरह नासिक के व्यापारियों ने प्याज इंपोर्ट करके जालंधर भेजा है। इससे पहले यह लुधियाना रीजन में भी बिक रहा है। इसका रेट भी नासिक के घरेलू प्याज के लगभग बराबर ही है। मंडी में यूं तो रोजाना दर्जन भर ट्रक प्याज लेकर आते हैं, लेकिन ईजिप्ट के प्याज का ट्रक आढ़ती राजीव धमीजा, इंद्रजीत पाहवा और कुलवंत खुराना के पास पहुंचा था। व्यापारी बोले- विदेशी प्याज आने से फेस्टिवल सीजन में इसकी कीमतें स्थिर रहेंगी।

उधर, शाम तक प्याज की बिक्री हुई और यहां से अमृतसर के ब्यास रीजन में लोकल बिक्री के लिए दुकानदार इंपोर्टेड प्याज लेकर गए। अभी अपने शहर में मंडी से 20 रुपये किलो प्याज लेकर रेहड़ी वाले 27-30 रुपये किलो तक बेच रहे हैं। मॉडल टाउन जैसे इलाकों में दर 32 रुपये तक पहुंची हुई है। प्याज खरीद रहे लोगों ने कहा कि ईजिप्ट के प्याज की क्वालिटी को लेकर ऐसी कोई दिक्कत नहीं आई है, जैसी पिछले सालों में पाकिस्तान के प्याज से आई थी। वहां के प्याज का साइज छोटा आ गया था, जड़ें और गट्ठें भी बोरियों से निकली हुई थीं।
पहले प्याज से क्वालिटी बेहतर
एक महीना पहले तक प्याज के बाजार में आंकलन था कि अक्टूबर तक इसकी कीमतें चढ़ेंगी। तभी देश में फेस्टिवल सीजन भी होता है। इसके मद्देनजर नासिक के व्यापारियों ने ईजिप्ट से इंपोर्ट किया। इस दौरान कीमतों में गिरावट आई। हरियाणा हिंसा के चलते भी प्याज के ट्रक पंजाब नहीं आ सके। हरियाणा-दिल्ली में भी बिक्री नहीं हुई। नौ अगस्त को इंपोर्ट का स्टॉक नासिक पहुंच गया था। अब बारी-बारी यह पंजाब के शहरों में पहुंच रहा है।