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टैक्स नेट में जुड़े एक करोड़ नए आयकर दाता

वित्त मंत्रालय का दावा है कि बीते वित्त वर्ष के दौरान 1 करोड़ से ज्यादा नए आयकर दाता बने. इसी के साथ आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 6.84 करोड़ तक पहुंच गयी. दूसरी ओर प्रत्यक्ष कर (आयकर, निगम कर और सिक्यूरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स) से 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष 2017-18 में कुल कमाई 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की उम्मीद है. शुरुआती आंकड़ों मे ये कमाई 9.96 लाख करोड़ रुपये रही जो कि बजटीय अनुमान से ज्यादा है.

आयकर रिटर्न

वित्त वर्ष 2016-17 और असेसमेंट इयर 2017-18 के लिए रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च थी. इस तारीख तक आयकर विभाग को कुल मिलाकर 6.84 करोड़ रिटर्न हासिल हुए जो कि पिछले वर्ष के 5.43 करोड़ के मुकाबले 26 फीसदी ज्यादा है. मोदी सरकार के चार साल की बात करें तो इस दौरान रिटर्न की संख्या 80.5 फीसदी बढ़ी. ध्यान रहे कि वित्त वर्ष 2013-14 में कुल मिलाकर 3.79 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए थे.

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सरकार का दावा है कि आयकर आधार बढ़ाने को लेकर विभिन्न प्रयासो की वजह से रिटर्न की संख्या बढ़ी है. दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि नोटबंदी के दौरान बैंकों जमा कराए गए पुराने नोटों का मामला संज्ञान में आने के बाद लोगों के सामने रिटर्न भरने के सिवा कोई और विकल्प नही बचा. दूसरी ओर जीएसटी की वजह से भी अब तक आयकर की व्यवस्था से दूर रहे व्यापारी-कारोबारियों को रिटर्न दाखिल करना ही पड़ा.

प्रत्यक्ष कर से कमाई

वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान प्रत्यक्ष कर से कमाई का बजटीय अनुमान 9.8 लाख करोड़ रुपये और संशोधित अनुमान 10.05 लाख करोड़ रुपये था. शुरुआती आंकडे बताते हैं कि कमाई 9.95 लाख करोड़ रुपये रही, यानी बजटीय अनुमान के काफी करीब. वित्त सचिव हसमुख अढ़िया का कहना है कि चूंकि अभी भी आखिरी दो दिनो के दौरान जमा करायी गयी रकम के पूरे आंकड़े नहीं आए हैं, ऐसे में उम्मीद है कि प्रत्यक्ष कर से कुल कमाई 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगी जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा.

 
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