सड़क पर उतरे अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति, तालिबान की मदद को लेकर फिर पाक को लताड़ा

अमेरिकी और नाटो बलों की वापसी के बाद से अफगानिस्तान तालिबान के कहर को झेल रहा है। इस बीच कई खबरें आईं जहां इस आतंक में पाकिस्तान की भूमिका की बात कही गई। अफगानिस्तान के पहले उप राष्ट्रपति और पाकिस्तान के कट्टर विरोधी अमरुल्ला सलेह ने कई बार सीधे ही पाक पर निशाना साधा। वहीं मंगलवार को उन्होंने काबुल की सड़कों पर तालिबान और पाकिस्तान के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। यहां सालेह ने अल्लाह-ओ-अकबर का नारा लगाया और तालिबान को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान पर हमला किया। 

उन्होंने पहले कहा था कि सार्वजनिक फांसी, न्यायेतर हत्याएं और सभ्यता का विनाश अफगानिस्तान के लोगों को तालिबान के खिलाफ एकजुट कर रहा है। सालेह ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने से कुछ घंटे पहले पोस्ट किए गए ट्वीट में कहा, “इसके समर्थकों को शर्म आनी चाहिए।”

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर विद्रोही समूह तालिबान का समर्थन करने का आरोप लगाया है। बता दें कि मौजूदा वक्त में अफगानिस्तान में तालिबान फिर से एक बड़े इलाके को कब्ज़ा कर चुका है। अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से लौट रही है और तालिबान यहां मजबूत होता जा रहा है।

तालिबान को पाक सेना और ISI की मदद

गौरतलब है कि सलेह कुछ दिनों से बराबर खबरों में बने हुए हैं। वह तालिबान को लेकर लगातार पाकिस्तान के रोल पर सवाल उठाते रहे हैं।  हाल ही में उन्होंने 24 जुलाई को एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा, “तालिबान अब तक युद्ध कैसे लड़ रहा है? तालिबान, पाकिस्तानी सेना और उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के सप्लाई ट्रेल की मदद से। तालिबन, लश्कर, अल-कायदा और मदरसा स्वयंसेवकों का एक गठबंधन घुसपैठ करते हैं। इनकी मदद के बिना तालिबान कुछ ही हफ्तों में हार जाएगा। अफगानिस्तान नेशनल डेवलपमेंट स्ट्रेटजी ने अपने उपकरण खो दिए हैं, लेकिन बारूद के डिपो नहीं। एक भी नहीं।”

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