सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर महाबोधि इंटर कॉलेज के छात्रों ने बनाई मानव श्रृंखला

सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत बेहतर यातायात के लिए छात्रों ने ली शपथ

वाराणसी : 1942 में मुंबई अधिवेशन में अंग्रेजों भारत छोड़ो के आह्वान के बाद ऐसा क्या कारण था जिसके बाद अंग्रेजों ने पांच वर्षों के भीतर ही भारत को छोड़ने का निर्णय कर लिया तब जब अंग्रेजों के विषय में यह कहावत थी कि उनके राज्य में कभी सूर्यास्त नहीं होता था। निश्चित रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के द्वारा चलाया गया आंदोलन कहा जा सकता है। आजाद हिंद फौज द्वारा अंडमान और निकोबार समूह पर पर तिरंगा लहरा कर आजादी का हुंकार भरने, दिल्ली चलो तथा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, ऐसे जोश भरे नारों से घबराकर अंग्रेजों ने भारत छोड़ने का निश्चय किया होगा। देश को आजाद कराने में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अदम्य साहस, वीरता और बहादुरी को सलूट करने का आज अवसर है।

उपरोक्त बातें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर बोलते हुए महाबोधि इंटर कॉलेज सारनाथ के छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा। इस अवसर पर महाबोधि इंटर कॉलेज में विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत सभी को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने हेतु शपथ दिलाई गई। इसी क्रम में मानव श्रृंखला बनाकर यह संदेश देने का प्रयास भी किया गया कि जन जागरूकता से सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। अतः सभी को जागरूक होने की जरूरत है

सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रखर वक्ता एवं शिक्षक सुख सागर चतुर्वेदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के द्वारा किए गए आजादी के आंदोलनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कक्षा सात के विद्यार्थी अमरेश कुमार ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर गंगा राम सिंह यादव, डॉ0 धर्मप्रिय, अनिल सोनकर, अशोक सोनकर, अंकुर, बृजेश सिंह यादव, शंभूनाथ मौर्य तथा विद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी और एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे।

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