हड़ताल पर Ola-Uber ड्राइवर, मुंबईकर हो रहे परेशान

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मोबाइल ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस ओला और उबर के ड्राइवर आज हड़ताल पर हैं। कंपनियों के खराब प्रबंधन के खिलाफ ड्राइवरों ने मोर्चा खोलते हुए ये हड़ताल की है। इससे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और गुरुग्राम में मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस हड़ताल का आह्वान मनसे की परिवहन शाखा महाराष्ट्र नवनिर्माण वहातूक सेना (एमएनवीएस) ने किया है। ये हड़ताल 18 मार्च को रात 12 बजे से ही शुरू हुई। एमएनवीएस ने आरोप लगाया है कि कैब एग्रीगेटर्स के ड्राइवरों का बिजनेस अच्छा नहीं चल रहा है। मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के परिवहन विंग के अध्यक्ष संजय नाइक का कहना है कि हड़ताल में देशभर के 60,000 कैब ड्राइवर शामिल हैं।

संजय नाइक ने कहा, ‘ओला और उबर ने ड्राइवरों को उनकी लागत को कवर करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने 5 से 7 लाख का निवेश किया है, तो महीने में 1.5 लाख कमाना चाहते हैं। लेकिन कंपनियों के कुप्रबंधन की वजह से इसका आधा भी वे कमाने में सफल नहीं हैं।’

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 मुंबई टैक्सीमैन यूनियन भी ओला उबर के ड्राइवरों के साथ है। संजय नाइक ने ओला और उबर टैक्सी भी पीली-काली टैक्सी के नियमों पर ही चलाए जाने की मांग की है। उनका आरोप है कि कंपनी गैरकानूनी व्यवसाय कर रही हैं। इस बीच टैक्सी चालकों ने चेतावनी दी है कि वे लोग अपने परिवार के साथ संबंधित कंपनियों के बाहर विरोध करेंगे। अकेले मुंबई में 45 हजार से ज्यादा ऐप बेस्ड कैब्स हैं, मगर बिजनेस मंदा होने की वजह से इनकी संख्या घटकर बीस फीसद हो गई है। इससे मुंबईकरों को परेशान होना पड़ रहा है।

खासतौर पर जो टैक्सी ड्राइवर हड़ताल में नहीं शामिल हैं। उनकी गाड़ियों को फोड़ने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में मुंबई पुलिस ने मुसाफिरों को पुरी सुरक्षा देने के इंतजाम किए हैं। कैब यूनियन लीडर्स को सीआरपीएस की धारा 149 के तहत नोटिस जारी किए हैं। इसके तहत केवल चार लोग ही एक साथ पर इकठ्ठा हो सकते हैं।

ड्राइवरों की मांग

– ड्राइवर के हित के लिए पॉलिसी बनाई जाए

– बढ़ते इंश्योरेंस के प्रीमियम पर रोक लगाई जाए

– ड्राइवरों की आमदनी बढ़ाने के लिए कंपनियां कदम उठाएं

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