अफसर से मारपीट मामला, मनीष सिसोदिया का बयान, इस धर्मयुद्ध का अंजाम तो वक़्त तय करेगा

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दिल्ली के मुख्य सचिव से मुख्यमंत्री आवास पर मारपीट के बाद से अफ़सर दिल्ली सरकार से नाराज़ हैं. मंगलवार को उपराज्‍यपाल (एलजी) अनिल बैजल ने सीएम केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर खुद अफसरों से बातचीत करने को कहा था. एलजी ने लिखा था कि इस पूरे घटनाक्रम से अफसरों का मनोबल गिरा है.

अब डिप्टी सीएम सिसोदिया ने एलजी को जवाबी ख़त लिखकर कहा है कि आप IAS यूनियन के फतवे का समर्थन कर रहे हैं. आपकी चिट्ठी से ‘बाग़ी’ अफ़सरों को बढ़ावा दे रही है. उन्‍होंने कहा कि 3 महीने से आंगनबाड़ी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है और आपके चहेते अफ़सर उनका वेतन रोक कर बैठे हैं. क्या इससे आपके अफ़सरों का मनोबल नहीं गिरता है?

मनीष सिसोदिया ने पत्र में कहा है कि इन्हें काम करने को कहने पर आप हमें ही नसीहत देते हैं. अगर इन्हें हेराफेरी करने दूं तो सब काम होने लगेगा,  लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा, मैं इनसे लड़ूंगा. आप तय कर लें कि आपको किसके साथ खड़े होना है. अब आप एलजी हैं, IAS के चश्मे से देखना बंद करें और उस बच्चे की नज़र से देखिए जो रोज़ आंगनबाड़ी जाता है. इस धर्मयुद्ध का अंजाम तो वक़्त तय करेगा. 
गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से कहा कि आप विधायकों की मुख्य सचिव के साथ मारपीट की घटना से देश भर में सरकारी कर्मचारियों के सभी वर्ग स्तब्ध हैं और इससे पूरी नौकरशाही पर हतोत्साहित करने वाला असर पड़ा है.

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उन्होंने केजरीवाल को लिखे एक पत्र में कहा कि विभिन्न सेवा संघों के साथ अपनी बैठकों में उन्होंने महसूस किया कि दिल्ली के सरकारी कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘नौकरशाही के प्रमुख, मुख्य सचिव (अंशु प्रकाश) के साथ मुख्यमंत्री के घर पर निर्वाचित विधायकों द्वारा दुर्व्यवहार एवं शारीरिक आघात की कथित घटना अभूतपूर्व है और इसका पूरी नौकरशाही पर हतोत्साहित करने वाला असर पड़ा है.’’ 

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