मध्य प्रदेश पुलिस का सिंघम अवतार, मनचलों की आई शामत

मध्य प्रदेश की पुलिस इन दिनों पूरी तरह सिंघम अवतार में है. पूरे सूबे में मनचलों और गुंडों की शामत आई हुई है. पुलिसवाले इन्हें ढूंढ-ढूंढकर खदेड़ रहे हैं. सड़कों पर जुलूस निकाल रहे हैं. लतागार दो दिनों से सूबे की पुलिस बदमाशों पर टूट पड़ी है. इसका नतीजा ये हुआ सड़कछाप गुंडे बाजार से गायब हो गए हैं.
गुंडों और मनचलों का जुलूस निकालने की जो परंपरा शुरु की गई है, उसे मध्य प्रदेश के कई जिलों में दिल खोलकर अपना लिया गया. अपनाएं भी क्यों ना, सीएम साहब का हुक्म बजाने का मेडल मिलना तो तय ही है, आम जनता की वाहवाही मिलेगी सो अलग. यही वजह है कि मनचलों के जुलूस निकलने लगे हैं.
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भोपाल से आदेश निकला तो सीहोर की पुलिस की बाहें फड़क गईं. सारे खाकीधारियों ने सिंघम अवतार ले लिया और मनचलों की धरपकड़ शुरू हो गई. जो पकड़े गए उन्हें पूरे शहर में घुमया गया. लट्ठ तो बजे ही. उठक-बैठक अलग से. रायसेन में लड़की ने थानेदार से शिकायत कि तो खाकी वर्दी का खून उबाल मारने लगा.
मनचले पर एक के बाद एक लाफे चलने लगे. इतने पर भी सजा कहां कम थी. थानेदार ने पूरे 100 बार उठक बैठक का फरमान सुना दिया. हरदा जिले में पुलिस पिछले तीन दिनों से मनचलों के खिलाफ मुहिम छेड रखी है. बाजारों में गश्त तेज है. जरा सा शक हुआ नहीं कि लट्ठ बजने लगे. मनचलों को गाड़ी में भरने लगे.





