नीतीश ने कहा, तय समय पर ही होंगे विधानसभा चुनाव

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा का चुनाव तय समय पर ही होगा। वर्ष 2019 में लोकसभा, जबकि 2020 में विधानसभा चुनाव होंगे। इसको लेकर किसी भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है। बिहार की जनता ने हमें पूरे पांच साल के लिए चुना है। उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। 

रविवार को एक अणे मार्ग में जदयू की राज्य कार्यकारिणी, प्रदेश व जिला पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से वे लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एकसाथ कराने के पक्षधर हैं। लेकिन अभी यह व्यवहारिक रूप में संभव नहीं है। हिमाचल, गुजरात, गोवा, यूपी जैसे राज्य जहां हाल-फिलहाल चुनाव हुए हैं, वहां यह संभव है क्या? एकसाथ चुनाव कराने को लेकर पहले राष्ट्रीय स्तर पर राय बननी है और संवैधानिक व्यवस्था होनी है। कई तरह की प्रक्रिया के बाद ही ऐसा संभव होगा। 
नीतीश कुमार ने प्रदेश जदयू और इसके नेताओं को बिहार सरकार के 12 साल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का टास्क दिया। कहा कि भ्रम फैलाने वाले और कनफुंकवा लोग बहुत घूमते हैं। आप डाटा के आधार पर अपनी बात रखिए। पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम को पंचायत स्तर तक ले जाएं और सरकार द्वारा किए जा रहे समाज-सुधार के कार्यों एवं लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम जैसे कानून के प्रावधानों से आम जनता को अवगत कराएं। 
उन्होंने घोषणा की कि जल्द वे पार्टी कार्यकारिणी के सभी सदस्यों, जिला अध्यक्षों व प्रकोष्ठ अध्यक्षों से एक-एक कर मिलेंगे और पार्टी की बेहतरी के लिए उनकी राय जानेंगे। निर्देश दिया कि हर दिन पार्टी के एक या दो मंत्री पार्टी ऑफिस में बैठें। एक कार्यकर्ता के सवाल के जवाब में कहा कि जदयू सत्ता का धौंस जमाने वाली पार्टी नहीं है, इसीलिए यह दूसरों से अलग है। प्रभारी मंत्री जिलों में जाएं तो यह जरूरी नहीं कि डीएम-एसपी उनका स्वागत करें, क्योंकि उनके पास और भी जरूरी काम हैं।
बक्सर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमने गांधी की राह चुनी है। पत्थरों की हमें चिन्ता नहीं है। जनता ने हमें सेवा के लिए सत्ता दी है और हम अपना काम पूरी मुस्तैदी से करते रहेंगे।
शीघ्र दूर होगा बालू संकट 
एक कार्यकर्ता द्वारा बालू की समस्या उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू में माफिया तंत्र बहुत मजबूत रहा है। इसे सरकार ने चुनौती के रूप में लिया है। लोगों की परेशानी की जानकारी उन्हें है। जल्द ही सबकुछ व्यवस्थित हो जाएगा। 
बैठक में ये रहे मौजूद 
प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में हुई जदयू की राज्य कार्यकारिणी की इस बैठक में मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक व संजय झा, कौशलेन्द्र कुमार, रामसेवक सिंह, विद्यासागर निषाद, प्रो. रामवचन राय, प्रो. रणवीर नंदन, संजय कुमार सिंह (गांधीजी), डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, डॉ. अमरदीप सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य, सभी जिला अध्यक्ष एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्ष मौजूद रहे।

सीएम के बयान से अटकलों पर विराम
लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर चल रही कयासबाजी पर रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बात से विराम लग गया दिखता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ नेताओं के इस तरह के बयान आ रहे थे कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हो सकते हैं। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने तो यहां तक कह दिया कि इसी साल दिसम्बर में दोनों चुनाव साथ कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए उन्होंने अपने दल के कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के लिए भी कहा था। वहीं, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने पिछले दिनों नई दिल्ली में बयान दिया था कि चुनाव कभी भी हो, जदयू उसके लिए तैयार है। उनसे सवाल लोस और विस चुनाव दिसम्बर में साथ कराने को लेकर चल रही चर्चा पर पूछा गया था। 

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