न्यूजीलैंड ने अफगानिस्तान में बढाई अपने सैनिकों की संख्या

न्यूजीलैंड ने आज घोषणा की है कि वह अफगानिस्तान में तैनात अपने सैनिकों की छोटी-सी संख्या यानी 10 को बढ़ाकर 13 कर देगा. न्यूजीलैंड नाटो के अनुरोध पर ऐसा कर रहा है. न्यूजीलैंड के सैनिकों को वहां गैर लड़ाकू भूमिकाएं दी गई हैं. वे काबुल स्थित अफगान नेशनल आर्मी ऑफिसर अकेडमी में परामर्शदाता और सहयोगी कर्मियों के तौर पर तैनात रहते हैं.
न्यूजीलैंड वर्ष 2001 से अफगानिस्तान में सैनिकों की तैनाती कर रहा है. इनमें से अधिकतर तैनातियां पुनर्निर्माण संबंधी भूमिकाओं के लिए होती रही हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह अफगानिस्तान के लिए अपनी रणनीति को रेखांकित किया था. इसके तहत उन्होंने अफगानिस्तान के पड़ोसी पाकिस्तान पर कड़ा रुख भी अख्तियार किया. उन्होंने अफगानिस्तान में अधिक अमेरिकी सैनिक भेजने का संकेत दिया, लेकिन यह नहीं कहा कि वह कितने सैनिक भेजेंगे.
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संवाददाताओं ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री बिल इंग्लिश से पूछा कि क्या वे एक गैर लोकप्रिय अमेरिकी राष्ट्रपति की रणनीति पर चलने को लेकर चिंतित हैं? तब उन्होंने कहा कि उनका देश अफगानिस्तान में तब से सक्रिय है, जब राष्ट्रपति ट्रंप इस पद पर आए भी नहीं थे. इंग्लिश ने कहा, यह आतंकवाद के स्रोतों को खत्म करने के वैश्विक प्रयासों में न्यूजीलैंड की भूमिका के बारे में है. न्यूजीलैंड ने कम से कम अगले साल जून तक अफगानिस्तान में सैन्य मौजूदगी बनाए रखने का संकल्प जताया है.





