भाजपा और विपक्ष में घमासान का मंच तैयार, आजाद बोले- मांगनी होगी माफी

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत में ही सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष में घमासान का मंच तैयार हो चुका है। आज से शुरू होने वाले सत्र से पहले ही कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलकर विपक्ष के इरादे जाहिर कर दिए हैं। 
भाजपा और विपक्ष में घमासान का मंच तैयार, आजाद बोले- मांगनी होगी माफीगुलाम नबी आजाद ने मणिशंकर अय्यर के घर हुई बैठक के बहाने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा को घेरने का प्रयास किया। आजाद ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि वर्तमान प्रधानमंत्री ने इस तरह पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व उप राष्ट्रपति और देश के राजनयिकों को चुनाव के बहाने बदनाम करने का प्रयास किया हो। 

आजाद ने साफ कर दिया कि प्रधामनंत्री को संसद में इस मुद्दे पर सफाई देनी होगी। आजाद के तेवरों से साफ है कि विपक्ष मौजूदा शीतकालीन सत्र में भी सरकार को किसी तरह की राहत देने के मूड़ में नहीं है, पूर्व की तरह इस सत्र में भी विपक्ष के तेवर तीखे बने रहेंगे।

विपक्ष की मुख्य रणनीति प्रधानमंत्री मोदी को घेरने की

हालांकि इससे पहले संसद का शीतकाली सत्र सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने बृहस्पतिवार शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सत्र भले ही छोटा हो लेकिन कामकाज अच्छी तरह चलेगा। उधर, सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने बैठक कर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की थी।

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष दोनों सदनों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक राजनयिक के मुलाकात पर गुजरात चुनाव के दौरान सवाल उठाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से माफी मांगने को कहेगा। चुनाव में मोदी के कथित आचार संहिता के खुलेआम उल्लंघन पर भी विपक्ष सरकार को घेरेगा।

राज्यसभा में शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता रद्द करने को भी मुद्दा बनाने की योजना है। विपक्ष का मानना है कि नियमों का उल्लंघन कर दोनों सांसदों को बर्खास्त किया गया है। उधर, टीएमसी आधार की अनिवार्यता और रोजगार को मुद्दा बनाएगी। विपक्ष यह सत्र देर से शुरू करने के सरकार के फैसले पर भी जवाब मांगेगा।

बहरहाल, बैठक में आए सांसदों और मंत्रियों का कहना है कि बृहस्पतिवार को गुजरात चुनाव की समाप्ति के बाद आए एक्जिट पोल की नतीजे सही साबित हुए तो विपक्ष ज्यादा आक्रामक नहीं हो पाएगा। उनके अनुसार सोमवार को गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव नतीजे सत्र के आगे का मूड तय करेंगे।

 
 
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