नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की अगले हफ्ते चीन यात्रा से पहले उनका एक प्रतिनिधिमंडल चीन पहुंच चुका है। यह दोनों देशों के बीच आवागमन समझौते की नींव तैयार करेगा।

बुनियादी ढांचे और परिवहन मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। ये चीन से नेपाल के उत्तरी क्षेत्र को तिब्बत के राजमार्गों से जोड़ने के मुद्दों पर बातचीत करेंगे ताकि उत्तरी क्षेत्र में सामान की आवाजाही सुलभ हो सके। नेपाल अभी तीन सीमा केंद्र केरुंग, किमाथांका और तातोपानी से तिब्बत के राजमार्गों से जुड़ा हुआ है।

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वर्ष 2015 में नेपाल में आए भूकंप की वजह से तातोपानी सीमा केंद्र बंद है। तिब्बत से लगती सीमा पर नेपाल कम से कम और नौ मार्ग खोलने की पेशकश चीन से कर चुका है।

वर्ष 2015 में चीन सात नए व्यापारिक मार्ग खोलने के लिए सहमत हो गया था। 2016 में चीन और नेपाल ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

इसके मुताबिक नेपाल व्यापार के लिए चीन के लैंड और समुद्री पोर्ट का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन कुछ तकनीकी कारणों के चलते यह अंतिम रूप नहीं ले सका। अगले हफ्ते दोनों देशों के बीच संपर्क, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में समझौते हो सकते हैं।