Neemuch Pad Man : नीमच के पेड मैन के रूप में बन गई भूपेंद्र खोईवाल की पहचान

मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के नीमच(Neemuch News) जिले के एक युवक की पहचान ‘पेड मैन’ के रूप में बन गई। उसके और साथी महिलाओं के कारण गांवों में जागरूकता आई है। ये लोग मिलकर गांवों में महिलाओं को रियायती दर पर सेनेटरी पेड(Sanitary Pad) मुहैया कराते हैं। साथ ही उन्हें स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित जानकारी भी देते हैं।जिले के ग्राम खोर के भूपेंद्र खोईवाल को ‘नीमच का पेड मैन’ कहा जाने लगा है। भूपेंद्र ने करीब 17 जुलाई 2019 को ग्राम खोर में करीब 500 वर्गफीट एरिया में स्त्री स्वाभिमान सेनेटरी पेड यूनिट और ऐश्वर्या इंटरप्राइजेस खोर की शुरुआत की। करीब 4 लाख रुपए की लागत से यूनिट तैयार करीब 15 महिलाओं को जोड़ा। यूनिट में एक दिन में करीब 1500 सेनेटरी पेड तैयार होते हैं।

इनको बनाने का काम करीब 7 महिलाएं करती हैं, जबकि खोईवाल और 8 महिलाएं गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं को रियायती दर पर 20 रुपए में 8 सेनेटरी पेड का पैकेट मुहैया कराती हैं। जुलाई माह से इनका यह प्रयास निरंतर जारी है। सेनेटरी पेड देने के साथ ये लोग महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित जानकारी भी देते हैं। उन्हें जागरूक करने का प्रयास करते हैं।

15 महिलाओं को रोजगार, 6 हजार तक आमदनी भी

यूनिट में करीब 15 महिलाएं काम करती हैं। करीब 7 महिलाएं पेड बनाने का काम करती हैं, जबकि 8 महिलाएं खोईवाल के साथ गांव-गांव में सेनेटरी पेड पहुंचाने और महिलाओं को जागरूक करने का काम करती है। इन कामों से महिलाओं को प्रति 2 हजार 500 से लेकर 6 हजार रुपए तक की आमदनी होती है।

ऐसे बनते हैं सेनेटरी पेड : सेनेटरी पेड बनाने में नॉन वुलन सिलकी मटेरियल, वुड पल्प, एनियन चीप और जेल शीट का उपयोग कि या जाता है। इन मटेरियल से महिलाएं मशीनों की मदद से सेनेटरी पेड बनाती हैं। साथ ही 8-8 सेनेटरी पेड के पैके ट तैयार कि ए जाते हैं।

मदद की गुहार : सेनेटरी पेड बनाने की यूनिट फिलहाल छोटी मशीनों की मदद से संचालित हो रही है। सेनेटरी पेड की मांग और महिलाओं को रोजगार देने के लिए भूपेंद्र खोईवाल ने शासन से मदद की गुहार लगाई है। वे यूनिट के लिए बड़ी मशीनें चाहते हैं। अन्य स्तर पर भी मदद की मांग कर रहे हैं।

फिल्म से मिली प्रेरणा

मध्य प्रदेश के महू के समीप कालाकुंड में फिल्म ‘पेड मैन’ बनी थी। इसमें फिल्म अक्षय कुमार ने पेड मैन की भूमिका निभाई थी। इसे देखने के बाद भूपेंद्र खोईवाल प्रेरित हुए और उन्होंने समाज के लिए कु छ करने की ठानी। महिलाओं को साथ लेकर सेनेटरी पेड की यूनिट की शुरुआत की। वर्तमान में उनके करीब 15 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

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