लुधियाना.नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की बुक्स की कमी से निपटने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अहम फैसला लिया है। अब बुक्स की सप्लाई सीधे तौर पर स्कूलों को ऑनलाइन बुकिंग के जरिए हो सकेगी। इसके लिए www.ncertbooks.ncert.gov.in पर लॉगइन कर स्कूल अगले सेशन 2018-19 के लिए अपनी एनुअल रिक्वायरमेंट के अनुसार जानकारी भरकर किताबों की बुकिंग एडवांस में ही कर सकते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग स्कूलों के लिए आठ सितंबर तक खुली रखी गई है। वहीं, पेरेंट्स भी अपने स्तर पर पोस्टल ऑर्डर देकर घर बैठे किताबें मंगा सकेंगे। ये सुविधा एनसीईआरटी जल्द ही शुरू कर देगी।
अगले सेशन के लिए सितंबर में ही बुकिंग मंगाने के कारण जल्दी आने की उम्मीद पूरी है। ये पॉलिसी स्टूडेंट्स, स्कूलों और पेरेंट्स के भी फायदेमंद रहेगी। किताबों की उपलब्धता होने पर टीचर्स इन किताबों से जरूर पढ़ाएंगे। -हरमीतकौर वड़ैच, प्रिंसिपल, ननकाना साहिब पब्लिक स्कूल, गिल पार्क
^स्कूल जरूरत के अनुसार किताबें मंगा सकते हैं। कई बार किताबें पहुंचने के कारण ऑनलाइन डाउनलोड कर प्रिंट करानी पड़ती थी। मगर अब कमी खत्म होने की उम्मीद है। बस कोशिश यही होनी चाहिए कि किताबें भी स्कूलों तक जल्द ही पहुंच जाएं। -डॉ.वंदना शाही, प्रिंसिपल, बीसीएम दुगरी
www.ncertbooks.ncert.gov.in पर लॉगइन करने के बाद पहले से रजिस्टर्ड यूजर को अपना यूजर नेम और पासवर्ड देना होगा। वहीं, नए यूजर को न्यू यूजर लिंक पर क्लिक कर स्कूल का एफिलिएशन नंबर भरना होगा। इसके बाद स्कूल की ओर से सीबीएसई को पहले से ही दी गई जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी। इसमें स्कूल का नाम, पता, प्रिंसिपल का नाम, ई-मेल आईडी, राज्य, पिन कोड नंबर, फोन नंबर, ई-मेल आईडी देखी जा सकेगी। कंटीन्यू बटन पर क्लिक करने पर सीबीएसई में रजिस्टर्ड नंबर पर वन टाइम पासवर्ड मिलेगा। इसे भरने पर मांगी गई जानकारी के साथ अकाउंट और पासवर्ड बन सकेगा। इसी तरह एनसीआरटी के रजिस्टर्ड वेंडर भी अपनी ई-मेल आईडी के जरिए ऑनलाइन बुकिंग साइट पर अकाउंट बना सकते हैं। एनसीईआरटी ने जून में ही सभी रजिस्टर्ड वेंडर्स को अपनी ई-मेल आईडी रजिस्टर करवाने के आदेश जारी दिए थे। स्कूलों तक ये किताबें एनसीईआरटी के रजिस्टर्ड वेंडर्स के जरिए स्कूलों तक पहुंचाई जाएंगी।
ये होगा फायदा
अब एनसीईआरटी ही सीबीएसई की ओर से पब्लिश की जाने वाली किताबें भी छापेगी। इन्हें भी ऑनलाइन मंगाया जा सकेगा। गौर हो कि केंद्र सरकार ने न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत देशभर में एक ही सिलेबस अपनाने का भी फैसला लिया है। इसके मुताबिक अब प्राइवेट स्कूल प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक्स हजारों रुपए में पेरेंट्स को बेचकर उनकी जेब ढीली नहीं कर सकेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसके तहत एनसीईआरटी ने एक साल पहले ही किताबों की बुकिंग लेना शुरू कर दिया है। इससे अगले सेशन यानी 2018-19 तक किताबें स्कूलों में पहुंच जाएं और न्यू एजुकेशन पॉलिसी को सही ढंग से देशभर में लागू किया जा सके। इससे पहले स्कूल एनसीईआरटी बुक्स की कमी की बात कहकर प्राइवेट पब्लिशर की किताबें लगा देते हैं। वहीं, कई स्कूल एनसीईआरटी का सिलेबस नहीं लगाते।
सीबीएसई ने स्कूलों के लिए जारी आदेश के अनुसार एनसीईआरटी से आने वाली किताबों को स्टूडेंट्स तक पहुंचाने के लिए स्कूलों में ‘टक शॉप’ खोलने की भी आजादी दी है। जारी नोटिस के अनुसार स्कूल के अंदर ही ‘टक शॉप’ खोल कर किताबें, स्टेशनरी और स्टूडेंट्स की जरूरत का अन्य सामान भी बेचा जा सकेगा। मगर इस पर सीबीएसई की कितनी पाबंदी रहेगी, इस बारे में अभी नहीं कहा जा सकता।