MP Board 12th Class Topper 2019: किसान पिता को बेटी की कामयाबी पर नाज है…

आज एक साथ मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं और बारहवीं के नतीजों की घोषणा की। पिछले साल के मुकाबले इस बार बारहवीं का रिजल्ट 4.30 फीसदी बेहतर रहा। इस बार की मेरिट लिस्ट में बड़े शहरों को पीछे छोड़ते हुए छोटे कस्बों और शहरों के बच्चों ने बाजी मारी है। संसाधनों के अभाव और तंगहाली के बीच भी इन बच्चों ने अपनी काबिलियत साबित कर सामने सबने मिसाल पेश की है। बारहवीं की कला विषय की मेरिट लिस्ट में नरसिंहपुर की बेटी विशाखा कौरव ने आठवां स्थान हासिल किया है। जिले के दूरदराज खड़ई गांव में रहने वाली विशाखा के मेरिट लिस्ट तक पहुंचने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। वो रोज खेत पर बने अपने घर से दो किलोमीटर पगडंडीनुमा रास्ते से होकर स्कूल तक पहुंचती थीं।
किसान शोभरन सिंह कौरव और गृहणी मां रजनबाई कौरव को अपनी बेटी पर नाज है कि उसने तमाम मुश्किलों के बाद भी पढ़ने, आगे बढ़ने का हौसला कायम रखा और उनका व गांव का नाम रोशन कर दिया। खड़ई के हायर सेकेण्डरी स्कूल की छात्रा विशाखा ने बताया कि पिता की 8 एकड़ जमीन है और परिवार खेत पर रहता है, खेत से स्कूल 2 किमी दूर गांव में है, रास्ता भी खराब है, जिससे साइकिल से जाना भी नहीं हो पाता। रोजाना पैदल 2 किमी स्कूल जाना और फिर इतना ही फासला तय कर घर लौटना शुरू में मुश्किल लगा। लेकिन पढ़ाई पूरी करना थी और कुछ कर दिखाने का सपना था, तो यह मुश्किल भी आड़े नहीं आई।
विशाखा कहतीं हैं वह रोजाना सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करतीं और फिर स्कूल जातीं। रात को भी खाना के बाद 11 बजे रात तक पढ़ाई करतीं। गांव में कोचिंग जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी, इसलिए घर और स्कूल की पढ़ाई आगे बढ़ने का सहारा रही। अपनी सफलता पर विशाखा कहतीं हैं कि परिवार के साथ स्कूल के सभी शिक्षकों ने अच्छा सहयोग किया। माता-पिता भी चाहते थे कि बेटी घर के काम न करें और केवल पढ़ाई पर ध्यान दे। अब विशाखा की पीएससी की तैयारी करने की इच्छा हैं। 

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