एमपी के मंदसौर पहुंचे राहुल गांधी, गोलीकांड की पहली बरसी पर किसानों को करेंगे संबोधित

रैली के मद्देनजर कांग्रेस ने कई दिग्गजों की मंदसौर में ड्यूटी लगाई है। पानी, छाछ और फ्रूट जूस के आठ लाख पाउच बांटने के इंतजाम भी किए गए हैं। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को पानी की बोतलों पर आपत्ति थी। यह आशंका थी कि सभा के दौरान बोतलें फेंकी जा सकती हैं। इसी वजह से सभा स्थल पर पानी की बोतलें ले जाने पर रोक रहेगी। हिंसा की आशंका के मद्देनजर पुलिस खास सतर्कता बरत रही है।
– कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर पहुंच चुके हैं। मंदसौर से करीब 20 किमी. दूर खोखर के एक कॉलेज में राहुल गांधी रैली को संबोधित करेंगे।
-सभा की कमान मीनाक्षी नटराजन के हाथों में वहीं मंच पर 27 नेताओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। राहुल गांधी के पास कमलनाथ और ज्योतारादित्य सिंधिया बैठेंगे।
-मंदसौर फायरिंग में मृत किसानों के घरवालों को राहुल गांधी की सभा में जाने से रोका। एडीएम फोन करके परिजनों को सभास्थल जाने से रोकने की धमकी दे रहे हैं।
-मंच पर बीते वर्ष आंदोलन मे गोलीकांड व पुलिस पिटाई मे मृत किसानों का अस्थि कलश रखा गया।
– मृतक किसान अभिषेक पाटीदार के परिजनों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी उन पर राहुल गांधी से मुलाकात न करने का दवाब बना रहे हैं। मृतक के बेटों से कहा गया है कि वह अपने पैरेंट्स को राहुल गांधी से ना मिलने दें।
मंदसौर गोलीकांड में मारे गए थे छह किसान
पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान मालवा निमाड़ के साथ सूबे के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। मंदसौर में पुलिस की कथित फायरिंग में छह किसान मारे गए थे। मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी थी और जांच आयोग गठित किया था।
पिछले साल राहुल के मंदसौर प्रवेश पर लग गई थी रोक
मंदसौर गोलीकांड में मारे गए छह किसानों के परिजनों से मिलने के लिए राहुल ने पिछले साल आठ जून को मंदसौर जाने की कोशिश की थी। लेकिन प्रशासन ने उनके मंदसौर प्रवेश पर रोक लगा दी थी और उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। बाद में राहुल राजस्थान सीमा पर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर लौट गए थे।





